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जबलपुर: इलाज के दौरान नवविवाहिता की मौत, थानों की उलझन में बीता पूरा दिन

इलाज के दौरान नवविवाहिता की मौत, थानों की उलझन में बीता पूरा दिन

जबलपुर में एक नवविवाहिता की इलाज के दौरान हुई मौत ने न केवल परिजनों को सदमे में डाला, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना गुरुवार सुबह 8:30 बजे की है, जब 25 वर्षीय मानसी चौधरी की मेडिकल अस्पताल में मौत हो गई। लेकिन पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शाम 5:30 बजे पूरी हो सकी वह भी तब, जब परिजनों ने दिनभर तीन थानों के चक्कर काटे। मानसी चौधरी ने 7 फरवरी 2025 को सूपाताल निवासी रवि अहिरवार से प्रेम विवाह किया था। मृतका की मां बबली चौधरी ने पति रवि पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी बेटी के साथ लगातार मारपीट होती थी और उसकी हत्या को एक्सीडेंट का रूप दिया गया है।

रवि ने मानसी को सड़क हादसे में घायल बताकर रात 3 बजे मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां सुबह उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि जब वह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए पुलिस के पास पहुंचे, तो उन्हें पूरे दिन भर तीन थानों के बीच घुमाया गया। मेडिकल कॉलेज से सूचना गोहलपुर थाना भेजी गई, लेकिन गोहलपुर पुलिस ने इसे गढ़ा थाना क्षेत्र का मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया। गढ़ा थाना पहुंचे परिजनों को हनुमानताल थाने भेज दिया गया, वहीं से फिर से गढ़ा थाना लौटने की सलाह दी गई। पूरे दिन यही भ्रम बना रहा कि मामला किस थाना क्षेत्र का है।

आखिरकार वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद हनुमानताल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तहसीलदार की उपस्थिति में पंचनामा करवा कर पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई गई। हेड कॉन्स्टेबल विजय पाठक का कहना है कि पीएम में देरी की वजह यह रही कि पति रवि ने सही थाना क्षेत्र की जानकारी नहीं दी थी, जिससे भ्रम की स्थिति बनी रही। वहीं मृतका की मां बबली चौधरी ने आरोप लगाया कि बेटी की हत्या कर उसे दुर्घटना बताकर छिपाने की कोशिश की गई। मामले में जांच जारी है और परिजनों ने सख्त कार्रवाई की मांग की है।

 

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