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जबलपुर में HPCL की सप्लाई ध्वस्त: पंप ड्राई, डीलर-आमजन बेहाल

HPCL की सप्लाई ध्वस्त: पंप ड्राई, डीलर-आमजन बेहाल,एडवांस के बावजूद नहीं मिल रहा ईंधन, प्रशासन मौन; जिम्मेदार अधिकारी भी संपर्क से बाहर

जबलपुर। शहर में हिन्दुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल) की बदहाल सप्लाई व्यवस्था ने हालात विस्फोटक बना दिए हैं। तिलवारा के पास विजन महल के आगे, विजय नगर और घमापुर सहित कई इलाकों के पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राई पड़े हैं। नतीजतन, रोजमर्रा की जिंदगी ईंधन संकट की मार झेल रही है। लंबी कतारें, भटकते वाहन चालक और बढ़ती नाराजगी अब आम दृश्य बन गए हैं।

बीपीसीएल, इंडियन ऑयल में पर्याप्त स्टॉक-
हैरानी की बात यह है कि जहां भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) और इंडियन ऑयल (आईओसीएल) के पंपों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, वहीं एचपीसीएल की सप्लाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। कई पंपों पर ‘नो फ्यूल’ के बोर्ड लग चुके हैं, जो कंपनी के दावों की पोल खोल रहे हैं।

एडवांस जमा फिर भी मनाही-
सबसे गंभीर पहलू यह है कि डीलरों ने पहले से ही कंपनी के पास भारी-भरकम एडवांस जमा कर रखा है, इसके बावजूद उन्हें ईंधन नहीं मिल रहा। नाम न छापने की शर्त पर एक डीलर ने बताया करीब 25 लाख रुपये कंपनी में जमा हैं, फिर भी सप्लाई नहीं दी जा रही। ग्राहकों का गुस्सा हम पर उतर रहा है, जबकि गलती हमारी नहीं है। डीलरों का कहना है कि वे आर्थिक दबाव, प्रतिष्ठा के नुकसान और उपभोक्ताओं के आक्रोश के बीच पिस रहे हैं।

त्रिवेदी-निमिष सिंह का मोबाईल बंद-
इस पूरे मामले में एचपीसीएल प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जब कंपनी के जबलपुर सेल्स ऑफिसर मीत त्रिवेदी और चीफ रीजनल मैनेजर निमिष सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो दोनों अधिकारियों के मोबाइल नंबर बंद मिले। संकट की इस घड़ी में जिम्मेदार अधिकारियों का इस तरह संपर्क से बाहर होना स्थिति को और संदिग्ध बना रहा है।

जिला प्रशासन ने साधा मौन-
चिंताजनक बात यह है कि जिला प्रशासन ने इस पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है। शहर में ईंधन जैसी बुनियादी आवश्यकता का संकट गहराता जा रहा है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस हस्तक्षेप नजर नहीं आ रहा। न तो स्थिति की निगरानी की जा रही है और न ही कंपनी से जवाब-तलब किया जा रहा है।

एचपीसीएल की कार्यप्रणाली सवालों में-
आमजन अब सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एचपीसीएल की सप्लाई क्यों ठप है? यदि एडवांस भुगतान के बावजूद ईंधन नहीं मिल रहा, तो इसके पीछे क्या कारण हैं? क्या यह कुप्रबंधन है या फिर कोई और गंभीर लापरवाही? यदि जल्द ही स्थिति नहीं सुधरी, तो यह संकट और विकराल रूप ले सकता है। फिलहाल, शहर में एचपीसीएल की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है और डीलर से लेकर आम उपभोक्ता तक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

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