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जबलपुर # गैस पीड़ित कैंसर मरीज को एम्स अस्पताल में बिना आयुष्मान कार्ड के भी मिलेगा पूरा इलाज मुफ्त, राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में किया जवाब पेश

जबलपुर। भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े मामले में केन्द्र सरकार की ओर से मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जवाब पेश कर बताया गया कि गैस पीड़ित कैंसर मरीज को एम्स अस्पताल में पूरा इलाज मुफत में दिया जाएगा। यह भी बताया गया कि भले ही मरीज आयुष्मान कार्ड धारक हो या नहीं, उसे अस्पताल में तुरंत इलाज शुरू कर दिया जाएगा। इस संबंध में केन्द्र ने एक एमओयू भी किया है। हाईकोर्ट ने राज्य शासन को निर्देश दिए कि मरीज के इलाज शुरू और पूरा करने में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने राज्य को कहा कि उन सभी एजेंसीज को आदेश से अवगत कराएं जो एमओयू से संबंधित स्वीकृति प्रदान करने की प्रक्रिया में शामिल हैं।
आपको बता दें कि कोर्ट मित्र नमन नागरथ ने कहा था कि एमओयू के तहत जो प्रक्रिया अपनाई जा रही है, उससे इलाज शुरू करने में देरी हो रही है। कोर्ट ने इस मामले में एम्स को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश भी दिए। पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने केन्द्र सरकार से पूछा था कि भोपाल गैस त्रासदी पीड़ित कैंसर मरीजों के लिए निजी अस्पताल और एम्स में इलाज व भुगतान के लिए क्या व्यवस्था है। मामले पर अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने 2012 में भोपाल गैस पीडि़त महिला उद्योग संगठन सहित अन्य की याचिका की सुनवाई की थी। गैस पीड़ितों के उपचार और पुनर्वास के संबंध में 20 निर्देश दिए थे। इनका क्रियान्वयन सुनिश्चित कर मॉनिटरिंग कमेटी गठित करने के आदेश दिए थे। इस कमेटी को हर तीन माह में अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट के सामने पेश करने को कहा था। साथ ही रिपोर्ट के आधार पर केंद्र और राज्य सरकारों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाने थे। मॉनिटरिंग कमेटी की अनुशंसाओं पर कोई काम नहीं होने का आरोप लगाते हुए अवमानना याचिका दाखिल की थी। सरकारी अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने कोर्ट के आदेश की अवहेलना की है।

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