जबलपुर में 2 साल की मासूम से दुष्कर्म, रेत में चेहरा दबाकर मारने की कोशिश; दमोह का हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार
विजयनगर थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन बिल्डिंग में सो रहा था मजदूर परिवार, आधी रात गायब हुई बच्ची दूसरी इमारत में मिली; मेडिकल जांच और पूछताछ के बाद दुष्कर्म, पॉक्सो और हत्या के प्रयास की धाराएं बढ़ाईं

जबलपुर संस्कारधानी जबलपुर में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। विजय नगर थाना क्षेत्र में एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में अपने परिवार के साथ सो रही महज दो साल की मासूम बच्ची को अगवा कर उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया। वारदात के दौरान आरोपी ने बच्ची को चुप कराने के लिए उसका चेहरा रेत में दबा दिया। बच्ची के रोने की आवाज बंद होने पर आरोपी ने उसे मृत समझ लिया और मौके से फरार हो गया। गनीमत रही कि मासूम की जान बच गई। पुलिस ने मामले में दमोह जिले के जबेरा थाना क्षेत्र के रहने वाले 28 वर्षीय आशीष पटेल को गिरफ्तार किया है। आरोपी को पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर बताया है, जिसके खिलाफ जबेरा थाने में पहले से 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
मामले की जानकारी देते हुए एडिशनल एसपी आयुष जाखड़ ने बताया कि घटना 9 और 10 अक्टूबर की दरमियानी रात की है। मजदूरी करने वाला एक परिवार विजय नगर थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन इमारत में सो रहा था। रात करीब 12 से 12:30 बजे के बीच जब परिवार की नींद खुली तो दो साल की बच्ची गायब मिली। अचानक बच्ची के लापता होने से परिवार में हड़कंप मच गया। परिजन तत्काल उसे तलाशने के लिए निकले। कुछ दूरी पर स्थित दूसरी निर्माणाधीन बिल्डिंग में बच्ची मिल गई।
एडिशनल एसपी के मुताबिक, बच्ची के मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच के दौरान पुलिस को ऐसे संकेत मिले, जिनसे आशंका हुई कि बच्ची के साथ कोई गंभीर गलत कृत्य किया गया है। इसके बाद मामले की जांच और तेज कर दी गई। पुलिस ने संभावित आरोपी की तलाश शुरू की और मुखबिरों से मिली जानकारी के साथ तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाला।
मेडिकल परीक्षण के दौरान बच्ची के साथ यौन अपराध होने के संकेत मिलने के बाद पुलिस ने मामले में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ा दीं। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने भी घटना में शामिल होना स्वीकार किया है। पुलिस अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
एडिशनल एसपी आयुष जाखड़ ने बताया कि मुखबिरों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आशीष पटेल को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया था। पूछताछ में आरोपी ने वारदात करना स्वीकार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि जब उसे बच्ची के परिजनों की आवाजें सुनाई दीं तो वह सतर्क हो गया। बच्ची रो रही थी, इसलिए उसने उसे चुप कराने के लिए उसका चेहरा रेत में दबा दिया।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, जब बच्ची ने रोना बंद कर दिया तो आरोपी ने उसे मरा हुआ समझ लिया और वहां से भाग गया। हालांकि, मासूम की जान बच गई। एडिशनल एसपी ने कहा कि बच्ची अब सुरक्षित है और भगवान की कृपा से उसकी हालत ठीक है।
इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास की धारा भी बढ़ाई है। आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट, हत्या के प्रयास और गृहभेदन समेत संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी आशीष पटेल दमोह जिले के जबेरा थाना क्षेत्र का रहने वाला है और उसकी उम्र 28 वर्ष है। वह जबेरा क्षेत्र का सूचीबद्ध हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ जबेरा थाने में पहले से 11 अपराध दर्ज हैं। एडिशनल एसपी ने बताया कि पूर्व में दर्ज मामलों में अधिकांश चोरी, गृहभेदन, लूट और आर्म्स एक्ट से संबंधित हैं।
हालांकि, इस घटना की जांच के दौरान आरोपी की कथित तौर पर यौन हिंसा में संलिप्तता का मामला भी सामने आया है। पुलिस अब उससे और गहन पूछताछ कर रही है, ताकि वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाया जा सके।
इस मामले की जांच के बीच पुलिस को कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई एक दूसरी गंभीर घटना से भी आरोपी के संभावित संबंध के संकेत मिले हैं। एडिशनल एसपी आयुष जाखड़ ने बताया कि उसी रात करीब दो से तीन बजे के बीच एक व्यक्ति ने कोतवाली थाना क्षेत्र में एक घर में घुसकर चोरी का प्रयास किया था। इस दौरान घर में सो रही 70 वर्षीय वृद्ध महिला के साथ मारपीट की गई और उनका गला दबाने की कोशिश की गई। पुलिस को महिला के साथ कोई गलत हरकत किए जाने की आशंका भी है।
इस मामले में कोतवाली पुलिस ने अलग से प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर संदिग्ध व्यक्ति का हुलिया विजय नगर मामले में गिरफ्तार आशीष पटेल से मेल खा रहा है। एडिशनल एसपी के मुताबिक, पुलिस को आशंका है कि दोनों घटनाओं में एक ही व्यक्ति की भूमिका हो सकती है। हालांकि, इसकी पुष्टि होना अभी बाकी है। कोतवाली पुलिस आरोपी से अलग से पूछताछ करेगी। यदि दोनों मामलों में उसकी संलिप्तता की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ उस घटना से संबंधित धाराओं में भी कार्रवाई की जाएगी।
एडिशनल एसपी ने स्पष्ट किया कि कोतवाली क्षेत्र की घटना में आरोपी की भूमिका की अभी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस दोनों मामलों के तथ्यों, घटनास्थल और संदिग्ध के हुलिए का मिलान कर रही है। आरोपी से आगे की पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि क्या वह किसी अन्य वारदात में भी शामिल रहा है।
फिलहाल, दो साल की मासूम से जुड़े मामले में आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है। मेडिकल परीक्षण के दौरान मिले संकेतों और पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर पुलिस ने गंभीर धाराएं बढ़ाई हैं। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है, जबकि कोतवाली क्षेत्र में 70 वर्षीय महिला के साथ हुई घटना में आरोपी की भूमिका की पुष्टि के लिए अलग से जांच जारी है।