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जबलपुर: संपत्ति विवाद में झूठा फंसाए गए दो परिवारों को राहत, जेएमएफसी कोर्ट ने किया दोषमुक्त, 11 साल बाद मिला इंसाफ

जबलपुर, डेस्क। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी विश्वेश्वरी मिश्रा के न्यायालय ने सपंत्ति विवाद में झूठा फंसाए गए दो परिवारों को राहत प्रदान कर दी। इसी के साथ दीक्षितपुरा निवासी रामेश्वर, उमा, सोनू व राजेश विश्वकर्मा और राधा बाई व पवन दुबे ने राहत की सांस ली। इन सभी को 11 साल बाद इंसाफ मिला।
आरोपितों की ओर से अधिवक्ता अशोक कुमार जायसवाल ने दलील दी कि उनके पक्षकारों का पडवार निवासी ऊषा राज सोनी पत्नी राजकुमार सोनी के साथ संपत्ति का विवाद चल रहा था। इसी वजह से मामले को उलझाने के लिए आपराधिक प्रकरण कायम कराया गया। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अदालत में दायर संपत्ति विवाद मामले का नोटिस शिकायतकर्ता परिवार को 11 अप्रैल 2011 को मिला था। उसके ठीक तीन दिन बाद 13 अप्रैल 2011 को मारपीट का झूठा आरोप लगा दिया गया। कोतवाली थाने पहुंचकर कहानी सुनाई गई कि विश्वकर्मा व दुबे परिवार ने एकराय होकर घर में घुसकर मारपीट की है। पुलिस ने भी मामले की तह तक पहुंचने के बदले जल्दबाजी में अपराध पंजीबद्ध कर लिया। जबकि दस्तावेजों से साफ है कि जिस संपत्ति की 1994 में 99 साल की लीज आरोपितों को मिली थी, उसी पर शिकायतकर्ता परिवार मनमाना दावा ठोंक रहा था। जेएफएफसी कोर्ट ने पूरे मामले पर गौर करने के बाद दुर्भावना परिलक्षित पाई। इस वजह से आरोपितों को राहत प्रदान करते हुए दोषमुक्त कर दिया।

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