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जबलपुर # सेट न्यूज़ की खबर का असर,कलेक्टर ने बंद कराया कंट्रोल रूम,मूल पदस्थापना में वापस होगा चपरासी, सोशल मीडिया के अकाउंट भी कराए बंद

सेट न्यूज़ की खबर का असर,कलेक्टर ने बंद कराया कंट्रोल रूम,
SET NEWS/ जबलपुर। कोरोना काल के समय कलेक्ट्रेट में बनाए गए कंट्रोल रूम में बैठकर जिलेभर के अधिकारियों को रौब झाड़ने वाला चपरासी अब जल्द ही अपने मूल विभाग में भेज दिया जाएगा। इतना ही नहीं चपरासी की अर्मयादित हरकतों पर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने संज्ञान लेते हुए यह निर्णय लिया है कि कोरोना काल के समय बनाए गए कंट्रोल रूम का अब कोई औचित्य नहीं है इसलिए इसे तत्काल प्रभाव से मंगलवार को बंद करा दिया गया। सूत्रों के अनुसार वैसे भी यह कंट्रोल रूम केवल कमीशनबाजी और सेटिंग बाजी का अड्डा बनकर रह गया था। यहां पदस्थ चपरासी (वॉटर मैन) पूर्व के अधिकारियों की चापलूसी कर प्रभारी बनकर बैठा था और कलेक्ट्रेट के अन्य विभागों के साथ ही दूसरे अधिकारी-कर्मचारियों पर रौब झाड़ता था। जिसकी शिकायत लगातार कलेक्टर को प्राप्त कर रही थी। विगत दिवस उसके द्वारा अति उत्साह में जनसंपर्क विभाग को दरकिनार कर किए गए कार्य से कलेक्टर को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा था। छात्रावास में करता था वाटर मैन का कार्य- बताया जाता हैं कि कलेक्ट्रेट कंट्रोल रूम का प्रभारी बने चपरासी की मूल पदस्थापना अधारताल स्थित छात्रावास में बतौर वाटर मैन थी। कोरोना के समय वहां कार्य नहीं होने की वजह से सहायता के लिए बने अस्थाई कंट्रोल रूम में अटैच कर दिया था। धीरे-धीरे चापलूसी कर वहां खुद का प्रभारी बताने लगा था।

पैसे लेकर घर से बनाकर देता था पास-

बताया जाता हैं कि कोरोना के समय जब लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना रहता था तो चपरासी अपने घर से कलेक्ट्रेट की सील लगाकर पास जारी करता था जिसके एवज में वह पीड़ितों से पैसे लेता था। जिसकी शिकायत होने पर पूर्व कलेक्टर भरत यादव ने उसको हटा दिया था। लेकिन इसी बीच कलेक्टर यादव का तबादला हाे गया फिर कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के आते ही चपरासी की जालसाजी पुन: शुरु हो गई। इतना ही नहीं जमीन संबंधी कामों को भी वह मिनटों में करा देता था।

ग्रुप से लेफ्ट हुए अधिकारी, चर्चा सरगर्म-

सेट न्यूज में प्रकाशित चपरासी चला रहा कलेक्ट्रेट का कंट्रोल रूम की खबर के बाद कलेक्टर दीपक सक्सेना भी एक्शन मोड में आ गए। उन्होंने तत्काल जनसंपर्क समेत अधीनस्थ अधिकारियों को तलब कर चपरासी की कुंडली खंगाली तो वह भी हैरान रह गए। कलेक्टर ने त्वरित एक्शन लेते हुए सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सोशल मीडिया में चपरासी द्वारा बनाए गए ग्रुप से अलग होने के निर्देश दिए। जिसके बाद धड़ाधड़ सभी लेफ्ट होते गए। वहीं दिनभर कार्यालय की गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्माया रहा।

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