
जबलपुर। शहर के बल्देवबाग स्थित पत्रकार भवन के सामने आज एक अजीबोगरीब राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता दिल्ली में युवक कांग्रेस के प्रदर्शन का जवाब देने के इरादे से कांग्रेस कार्यालय घेरने पहुंचे, लेकिन भूलवश वे पूर्व नगर अध्यक्ष कांग्रेस दिनेश यादव के पुराने कार्यालय पर जा पहुंचे। वर्तमान में जिले का कांग्रेस कार्यालय रसल चौक पर नगर अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा के ऑफिस में शिफ्ट हो चुका है, जो पिछले कुछ वर्षों से सक्रिय है।
कार्यकर्ताओं को जैसे ही इस भूल का अहसास हुआ, आनन-फानन में घेराव का प्लान बदलकर पुतला दहन में तब्दील कर दिया गया। लेकिन तब तक हंगामा मच चुका था। भाजपा युवा मोर्चा के बैनर, नारे के बीच सड़क पर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोग हैरान थे कि आखिर यह सब किस कांग्रेस कार्यालय को लेकर हो रहा है, जब नया पता सबको मालूम है।
आमने-सामने भिड़े BJP-Congress कार्यकर्ता
जैसे ही इस घटना की खबर वर्तमान कांग्रेस कार्यालय पहुंची, वहां के कार्यकर्ता भड़क उठे। दर्जनों कांग्रेस समर्थक बल्देवबाग पहुंचे और उन्होंने भाजपा युवा मोर्चा पर ‘लोगों को परेशान करने’ का आरोप लगाते हुए जोरदार विरोध शुरू कर दिया। नारे लगे, धक्का-मुक्की हुई, और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को बल्देवबाग से आगा चौक तक पूरी सड़क सील करनी पड़ीं। जिसके बीच में एक बड़ा निजी अस्पताल भी था। भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिसमें लाठीचार्ज की नौबत भी आ गई। एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने कहा, “भाजपा इसी तरह भ्रम फैलाकर लोगों को तंग करती है। गलत जगह प्रदर्शन करके साबित हो गया कि उनका इरादा सिर्फ हंगामा मचाना है।” वहीं, भाजपा पक्ष ने इसे ‘युवक कांग्रेस के प्रदर्शन का कड़ा जवाब’ बताया।
आमजन की त्राहि-त्राहि: रेलवे स्टेशन-बस स्टैंड के बीच रास्ते जाम, एम्बुलेंस तक भटकी
इस पूरे ड्रामे का सबसे ज्यादा नुकसान आम जनता को हुआ। जबलपुर की मुख्य सड़कें जाम होने से लोग घंटों फंस गए। रेलवे स्टेशन जाने वालों को वैकल्पिक रास्ते अपनाने पड़े, जबकि बस स्टैंड की ओर बढ़ने वाले ट्रैफिक में बुरी तरह जकड़े रहे।
सबसे दर्दनाक दृश्य तब देखने को मिला जब एक एम्बुलेंस जाम से बचने को मजबूर हो गई। मरीज को लेकर एम्बुलेंस को आगा चौक से गुजरने की बजाय भीड़भाड़ वाले लंबे रास्ते पर भेजा गया, जहां ट्रैफिक और भी खराब था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एम्बुलेंस सायरन बजाती रही, लेकिन राजनीतिक हंगामा थमने का नाम न ले। आसपास के दुकानदारों का कारोबार भी ठप हो गया।
राजनीतिक प्रोफाइल की जंग में भूला आम आदमी: क्या मिला फायदा?
यह घटना जबलपुर की राजनीति में एक बड़ा सबक है। पार्टियां दिल्ली के प्रदर्शनों का जवाब देने के चक्कर में स्थानीय स्तर पर गलतियां कर रही हैं, जिसका खामियाजा निर्दोष नागरिक भुगत रहे हैं। भाजपा युवा मोर्चा ने पुतला दहन तो कर लिया, लेकिन गलत जगह पहुंचकर उनकी छवि को झटका लगा। कांग्रेस ने दावा किया कि भाजपा ‘भ्रम फैलाने वाली पार्टी’ है।
स्थानीय प्रशासन ने दोनों पक्षों को चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई होगी। लेकिन सवाल वही है – क्या नेता कभी आमजन की परेशानी को प्राथमिकता देंगे?
मध्य प्रदेश जबलपुर से सुनील सेन की रिपोर्ट



