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जबलपुर: MP पुलिस का विशेष अभियान, नशे से दूरी है, जरूरी,छात्र-छात्राओं को किया गया जागरूक,

MP पुलिस का विशेष अभियान, नशे से दूरी है, जरूरी,छात्र-छात्राओं को किया गया जागरूक,

SET NEWS जबलपुर! नशे से दूरी, है जरूरी” यह एक जनजागरूकता अभियान है जो मध्य प्रदेश में चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और नशा मुक्ति के प्रति जागरूक करना है। इस अभियान के तहत, विभिन्न कार्यक्रम जैसे कि जागरूकता रैलियां, नुक्कड़ नाटक, शपथ ग्रहण समारोह, और जनसंपर्क गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

यह अभियान पुलिस मुख्यालय, भोपाल के निर्देशानुसार चलाया जा रहा है और इसमें विभिन्न शासकीय विभाग, गैर-सरकारी संगठन, समाजसेवी, और जनप्रतिनिधि सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।

अभियान के तहत, स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों और डिजिटल माध्यमों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जा रही है।

पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार सम्पूर्ण प्रदेश में चलाए जा रहे विशेष जन-जागरूकता अभियान “नशे से दूरी है जरूरी” के तहत बुधवार को थाना गढ़ा, जबलपुर द्वारा विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह अभियान पुलिस अधीक्षक संम्पत उपाध्याय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रसन्न शर्मा के नेतृत्व में संचालित हुआ। गढ़ा देवताल हितकारिणी स्कूल हाईस्कूलव हायर सेकेंडरी स्कूल में पुलिस टीम द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया।

विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई कि वे न स्वयं नशा करेंगे और न ही किसी को करने देंगे। नगर चौराहे एवं प्रमुख क्षेत्रों में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और नागरिकों के साथ मिलकर एक प्रभावशाली रैली निकाली गई, जिसमें समाज को नशे के विरुद्ध जागरूक करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण, नगर के गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। उपस्थित सभी लोगों ने इस अभियान की सराहना करते हुए इसे सामाजिक जागरूकता की दिशा में एक अत्यंत प्रभावशाली और आवश्यक कदम बताया।

गढ़ा थाना प्रभारी प्रसन्न शर्मा द्वारा बच्चों को सरल और प्रभावशाली तरीके से यह बताया गया कि बच्चियाँ और बच्चे समाज में परिवर्तन के प्रमुख संवाहक हैं। विशेष रूप से बच्चियों की बात घर-परिवार और समाज में अधिक गंभीरता से सुनी जाती है, अतः वे अपने घर, मोहल्ले, और आस-पड़ोस को नशे से मुक्त करने में पुलिस की “जन-जागरूकता दूत”की भूमिका निभा सकती हैं।

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