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मदन महल थाना प्रभारी टीआई संगीता सिंह लाइन हाजिर -विवाद, लापरवाही, लेनदेन और असंतोष की बेहिसाब शिकायत, कप्तान का सख्त एक्शन, तीन थानों की कमान बदली

जबलपुर। शहर की पुलिसिंग में ढिलाई, मनमानी और विवादों को लेकर आखिरकार पुलिस कप्तान संपत उपाध्याय ने सख्त संदेश दे दिया है। मदन महल टीआई संगीता सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। उनके साथ ही हनुमानताल और ग्वारीघाट थानों की कमान में भी बड़ा फेरबदल किया गया है। यह वर्ष 2026 में शहर के पुलिस थानों का पहला और निर्णायक प्रशासनिक एक्शन माना जा रहा है, जिसने महकमे में साफ कर दिया है कि अब बहाने नहीं, परिणाम ही पद तय करेंगे।

विवादों से घिरी रही कार्यप्रणाली-
मदन महल टीआई संगीता सिंह की कार्यशैली लंबे समय से सवालों के घेरे में थी। मानस भवन में आपत्तिजनक साहित्य के वितरण को लेकर हुए विवाद और उसके बाद फैले हंगामे में थाना स्तर पर की गई कार्रवाई को लेकर पुलिस महकमे से लेकर जनप्रतिनिधियों तक असंतोष खुलकर सामने आया। मामला केवल एक घटना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अन्य प्रकरणों में भी कार्रवाई में देरी, ढुलमुल रवैया और लेनदेन संबंधी संदिग्ध भूमिका की लगातार चर्चाएं रहीं। इन्हीं वजहों से टीआई सिंह की कुर्सी डगमगाने लगी थी, जिस पर मंगलवार को कप्तान ने निर्णायक वार कर दिया।

कमान बदली, धीरज को मिली जिम्मेदारी-
एसपी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार मदन महल थाना का प्रभार अब टीआई धीरज कुमार राज को सौंपा गया है। वे अब तक हनुमानताल थाना प्रभारी थे। मदन महल जैसे संवेदनशील और व्यस्त थाना क्षेत्र में उन्हें सख्त, निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई के लिए जाना जाएगा ऐसी अपेक्षा वरिष्ठ अधिकारियों ने जताई है।

हनुमानताल–ग्वारीघाट में भी सर्जिकल फेरबदल
प्रशासनिक बदलाव की जद में केवल मदनमहल ही नहीं रहा। ग्वारीघाट टीआई सुभाषचंद्र बघेल को हनुमानताल थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं निरीक्षक हरिकिशन आटनेरे को एक बार फिर फील्ड में उतारते हुए ग्वारीघाट थाना की कमान सौंपी गई है। यह बदलाव संकेत देता है कि कप्तान अब थाना स्तर पर सीधे जवाबदेही तय करने के मूड में हैं।

लाइन से थाने तक वापसी: दूसरा मौका या आखिरी परीक्षा-
टीआई हरिकिशन आटनेरे इससे पहले लॉर्डगंज थाना और गढ़ा यातायात थाना के प्रभारी रह चुके हैं। दोनों ही जगहों पर असंतोषजनक कार्यप्रणाली के चलते उन्हें लाइन भेजा गया था। अब पुनः थाने की जिम्मेदारी देकर पुलिस प्रशासन ने उन्हें दूसरा मौका दिया है, जिसे कई लोग आखिरी परीक्षा के रूप में देख रहे हैं।

अब ढिलाई नहीं चलेगी,होगी कार्रवाई-
इस फेरबदल से पुलिस महकमे में दो टूक संदेश गया है लापरवाही, मनमानी और विवादों से जुड़ी कार्यशैली अब बर्दाश्त नहीं होगी। कप्तान संपत उपाध्याय का यह एक्शन बताता है कि आने वाले दिनों में और भी थाना प्रभारियों पर गाज गिर सकती है। शहर की पुलिसिंग में अब चेहरे नहीं, काम बोलेगा।

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