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मध्यप्रदेश # नर्मदा से 300 मीटर के दायरे में हुए अवैध निर्माणों की दूरी नापने होगी एक्सपर्ट कमेटी गठित

जबलपुर, सत्यजीत यादव। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व निर्देश के पालन में राज्य शासन की ओर से अवगत कराया गया कि नर्मदा से 300 मीटर के दायरे में हुए अवैध निर्माणों की दूरी नापने के लिये एक्सपर्ट कमेटी गठित की जाएगी।

गौरतलब है कि यह कमेटी अवगत कराएगी कि नर्मदा के किस जल स्तर से 300 मीटर की दूरी निर्धारित की जाए। मुख्य न्यायाधीश रवि विजय मलिमठ एवं न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की युगलपीठ के समक्ष राज्य सरकार की ओर से इसके लिये समय मांग गया। मप्र उच्च न्यायालय ने सुनवाई के दौरान मांग मंजूर करते हुए मामले की अगली सुनवाई 12 सितंबर को होना तय किया है।

दरअसल, नर्मदा मिशन की ओर से मप्र उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई थी। पूर्व मंत्री व भाजपा नेता ओमप्रकाश धुर्वे द्वारा डिंडौरी में बिना अनुमति नर्मदा नदी के लगभग पचास मीटर के दायरे में बहुमंजिला मकान बनाए जाने को भी कठघरे में रखा गया था। इसके अलावा एक अवमानना याचिका सहित तीन अन्य संबंधित मामले को लेकर याचिकाएं दायर की गयी थी।

जिनकी सुनवाई दौरान नगर निगम की ओर से पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया था कि जबलपुर में साल 2008 के बाद नर्मदा नदी के तीस सौ मीटर दायरे में तिलवाराघाट, ग्वारीघाट, जिलहेरीघाट, रमनगरा, गोपालपुर, दलपतपुर, भेड़ाघाट में कुल 75 अतिक्रमण पाए गए हैं। इनमें से 41 निजी भूमि पर, 31 शासकीय भूमि व तीन आबादी भूमि में पाए गए है। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया था कि नदी के अधिकतम जल भराव क्षेत्र से तीन सौ मीटर का निर्धारण होना चाहिए।

सरकार की ओर से टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के नोटिफिकेशन का हवाला देते हुए कहा गया कि रिवर बेल्ट से 300 मीटर निर्धारित है।

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