मां दुर्गा के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं पर खूनी हमला! भेड़ाघाट पुलिस का एक्शन, तीन नाबालिग अभिरक्षा में—दो चाकू और बाइक जब्त
गाली-गलौज का विरोध करना पड़ा भारी, दो युवकों के पेट पर चाकू से किए वार; टीआई कमलेश चौरिया की टीम ने जुटाए सुराग

जबलपुर। मां दुर्गा के दर्शन कर घर लौट रहे युवकों ने शायद सपने में भी नहीं सोचा होगा कि रास्ते में हुआ मामूली विवाद उनकी जिंदगी के लिए इतना खतरनाक साबित होगा। रात का सन्नाटा, सुनसान सड़क और अचानक सामने आ गई एक मोटरसाइकिल। देखते ही देखते गाली-गलौज से शुरू हुआ विवाद चाकूबाजी में बदल गया। दो युवकों के पेट पर चाकू से वार किए गए और हमलावर मौके से फरार हो गए। लेकिन घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज की और अब इस मामले में तीन विधि-विवादित बालकों को अभिरक्षा में लेकर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया है।
दर्शन के बाद घर लौट रहे थे तीनों युवक,
पुलिस के मुताबिक, 13 अक्टूबर की रात ठाकुर सिंह राजपूत अपने दोस्त अमित पटेल के साथ स्कूटी से जबलपुर में मां दुर्गा के दर्शन करने आए थे। ठाकुर सिंह का छोटा भाई राजा राजपूत भी अपनी मोटरसाइकिल से उनके साथ था। दर्शन करने के बाद तीनों अपने घर की ओर लौट रहे थे। रात करीब 1 बजकर 20 मिनट पर जैसे ही वे अंजनी धाम मंदिर के पास हाईवे क्रॉसिंग पर पहुंचे, भेड़ाघाट की तरफ से एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक सामने आ गए।
गाली का विरोध किया तो चाकू से कर दिया हमला,
आरोप है कि मोटरसाइकिल सवार युवकों ने वाहन चलाने को लेकर गाली-गलौज शुरू कर दी। अमित पटेल ने जब गाली देने का विरोध किया, तो विवाद अचानक हिंसक हो गया। मोटरसाइकिल से दो युवक नीचे उतरे और चाकू निकालकर अमित पटेल के पेट में नाभि के ऊपर तथा ठाकुर सिंह राजपूत के पेट में नाभि के नीचे वार कर दिए। दोनों गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से भाग निकले। घटना की रिपोर्ट पर भेड़ाघाट थाने में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
सीसीटीवी और बाइक नंबर बने पुलिस के अहम सुराग,
घटना के बाद आरोपियों तक पहुंचना पुलिस के सामने बड़ी चुनौती थी। लेकिन जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई और मुखबिरों को सक्रिय किया गया। इसी दौरान घटना के प्रत्यक्षदर्शी राजा राजपूत द्वारा नोट किया गया मोटरसाइकिल का नंबर पुलिस के लिए अहम सुराग बना। बाइक नंबर से मिली जानकारी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान कर तीन विधि-विवादित बालकों को अभिरक्षा में लिया।
एसपी के निर्देश पर तेज हुई कार्रवाई,
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने आरोपियों को शीघ्र पकड़ने के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीष भारद्वाज और नगर पुलिस अधीक्षक अंजुल अयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक कमलेश चौरिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान तीनों बालकों ने घटना में शामिल होना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किए गए दो चाकू और काले रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल जब्त की गई।
टीआई कमलेश चौरिया और टीम की अहम भूमिका,
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक कमलेश चौरिया, उपनिरीक्षक अभिषेक कैथवास, प्रधान आरक्षक हरिश डेहरिया, आरक्षक संतोष जाट, आरक्षक अरविंद सनोडिया, आरक्षक हरि सिंह राजपूत और आरक्षक अंकित मेहरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शी की जानकारी और मोटरसाइकिल नंबर के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।
किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश, जांच जारी,
भेड़ाघाट थाने में अपराध क्रमांक 409/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी), 109(1) और 3(5) में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीनों विधि-विवादित बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
इस घटना ने एक बार फिर रात के समय सड़क पर होने वाले विवादों के खतरनाक रूप को सामने ला दिया है। मां दुर्गा के दर्शन कर लौट रहे युवकों पर हुआ यह हमला एक मामूली कहासुनी से शुरू हुआ, लेकिन दो लोगों को गंभीर चोटें पहुंचीं। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जांच के जरिए घटना की पूरी परिस्थितियों और प्रत्येक की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है।