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UP के लिए योगी का नया रोडमैप:योगी सरकार में इस बार एनकाउंटर स्पेशलिस्ट भी, केंद्र की तर्ज पर तीन ब्यूरोक्रेट्स शामिल करने की तैयारी!

केंद्र की BJP नीत NDA सरकार की तर्ज पर UP की योगी आदित्यनाथ सरकार में भी तेजतर्रार अफसरों की बतौर कैबिनेट मंत्री एंट्री होने जा रही है। इनमें PM मोदी के करीबी पूर्व IAS एके शर्मा, कानपुर के पूर्व पुलिस कमिश्नर IPS असीम अरुण और ED के पूर्व ज्वाइंट डायरेक्टर राजेश्वर सिंह शामिल हैं। गौरतलब है कि PM मोदी की कैबिनेट में भी 4 पूर्व ब्यूरोक्रेट्स ने अहम मंत्रालय संभाल रखे हैं।

होली के बाद योगी आदित्यनाथ CM पद की दोबारा शपथ लेंगे। उनके साथ या कुछ अंतराल पर इन अफसरों को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है। इसके लिए BJP में हाई लेवल पर मंथन चल रहा है।

पूर्व अफसरों के जरिए योगी सरकार के कामकाज को पहले के मुकाबले और चुस्त दुरुस्त करने की तैयारी है, ताकि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले के UP में BJP के पक्ष में माहौल बनाया जा सके।

केंद्र की मोदी 2.0 सरकार में चार पूर्व अफसरों को कैबिनेट मंत्री बनाया गया था, जिसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर, रेलवे मंत्री अश्वनी वैष्णव, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप पुरी शामिल हैं। मोदी कैबिनेट में इन मंत्रियों का काम भी संतोषजनक रहा है।

अब आइए बताते हैं योगी सरकार में शामिल होनेवाले तीनों पूर्व अफसरों के बारे में …

अरविंद कुमार शर्मा : एके शर्मा 1988 बैच के गुजरात कैडर के IAS अधिकारी रहे हैं। 2001 में गुजरात में नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद से लेकर 2014 तक शर्मा उनके सेक्रेटरी थे।

2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद एके शर्मा भी केंद्र में आ गए। PMO में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दीं। शर्मा पिछले लगभग 20 साल से PM मोदी के भरोसेमंद लोगों में शामिल हैं।

पिछले साल VRS लेकर उन्होंने BJP ज्वाइन की, MLC बने। जून 2021 में उन्हें UP BJP का उपाध्यक्ष बनाया गया। उस दौरान यह चर्चा तेज थी कि चुनाव से पहले उनको UP कैबिनेट में शामिल किया जाएगा, लेकिन तब ऐसा नहीं हो सका। अब योगी की दूसरी सरकार में शर्मा को मंत्री के पद पर शामिल करने की संभावना जताई जा रही है। वह UP के मऊ जिले के रहने वाले हैं।

राजेश्वर सिंह : PPS अधिकारी राजेश्वर सिंह को एनकाउंटर स्पेशलिस्ट भी कहा जाता है। VRS लेने से पहले वह प्रवर्तन निदेशालय यानी ED में ज्वाइंट डायरेक्टर पद पर तैनात थे।

ED में रहते हुए राजेश्वर सिंह कई हाई प्रोफाइल घोटालों की जांच में शामिल रहे, जिसमें 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला, अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर डील, एयरसेल मैक्सिस घोटाला, आम्रपाली घोटाला, नोएडा पोंजी स्कीम, गोमती रिवर फ्रंट प्रमुख हैं।

कुछ मामलों को लेकर वह विवादों में भी रहे।

लखनऊ की सरोजनी नगर सीट से BJP के टिकट पर चुनाव में उतरे राजेश्वर सिंह ने सपा के अभिषेक मिश्रा को 54 हजार वोटों से हराया। अब माना जा रहा है कि राजेश्वर को योगी कैबिनेट में जगह मिलेगी।

अरुण असीम : कानपुर के पूर्व पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने NSG से कमांडो ट्रेनिंग भी ले रखी है। 1994 बैच के IPS अधिकारी रहे अरुण पूर्व PM मनमोहन सिंह की SPG सुरक्षा में भी शामिल थे। 51 साल के अरुण को तेजतर्रार पुलिस अधिकारी माना जाता था।

कन्नौज के रहनेवाले असीम अरुण को BJP ने कन्‍नौज सदर विधानसभा सीट से मैदान में उतारा था। यह सीट सपा के लिए सुरक्षित मानी जा रही थी, क्योंकि अनिल दोहरे यहां से जीत की हैट्रिक लगा चुके थे। हालांकि, असीम अरुण ने दोहरे को छह हजार से ज्यादा वोटों से हराया।

अरुण असीम को भी कैबिनेट में लाने के पीछे दो वजहें मानी जा रही हैं। एक तो उनका UP में काम करने का लंबा प्रशासनिक अनुभव और दूसरा, वह दलित समाज से आते हैं। ऐसे में इस वर्ग को साधने में भी BJP उनकी मदद ले सकेगी।

सभी बड़े नेताओं से मिल चुके योगी, होली के बाद शपथ

UP विधानसभा चुनाव में मिली शानदार जीत के बाद CM योगी दो दिन दिल्ली में रहकर सभी बड़े नेताओं से मिल चुके हैं।

राष्ट्रपति कोविंद से लेकर PM नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, UP के प्रभारी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, अनुराग ठाकुर और संगठन से जुड़े बीएल संतोष तक से उनकी मुलाकात हो चुकी है।

होली के बाद शुभ मुहूर्त में योगी CM पद की दूसरी बार शपथ लेंगे। योगी की कैबिनेट कैसी होगी, इस पर भी होली के बाद ही विस्तार से चर्चा होगी।

कैबिनेट में किन पुराने चेहरों को शामिल किया जाएगा, किसे हटाया जाएगा, किन नए चेहरों को शामिल किया जाएगा, इन सबकी केंद्रीय स्तर पर ही फैसला होने की संभावना जताई जा रही है।

सूत्रों का कहना है कि कैबिनेट सदस्यों को फाइनल करते समय 2024 को जरूर ध्यान में रखा जाएगा, जिससे जातीय और सामाजिक समीकरण को साधा जा सके। साथ ही ऐसे लोगों को कैबिनेट में जगह दी जाएगी, जो तेजी से काम कर सकें।

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