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दुर्गा पंडालों में जुआ मिला तो अगले साल नहीं मिलेगी अनुमति! जुआ खिलाने वाली समितियों पर प्रशासन का शिकंजा

दुर्गा पंडालों में जुआ मिला तो अगले साल नहीं मिलेगी प्रतिमा स्थापना की अनुमति, जुआ खिलाने वाली समितियां होंगी चिह्नित, जिला प्रशासन की अनुमति पर लग सकता है प्रतिबंध, धार्मिक आयोजनों की आड़ में अवैध गतिविधियों पर पुलिस सख्त

जबलपुर। दुर्गा उत्सव की आड़ में जुआ खिलाने वालों के खिलाफ अब पुलिस सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। जिन दुर्गा पंडालों में जुआ खेलते या खिलाते हुए लोग पकड़े जाएंगे, उन पंडालों की आयोजक समितियों को चिह्नित किया जाएगा। ऐसी समितियों को अगले वर्ष दुर्गा प्रतिमा स्थापना की अनुमति नहीं दिए जाने के लिए जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजा जा सकता है। पुलिस के इस सख्त रुख का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखने के साथ ही इनके नाम पर होने वाली अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना है।
धार्मिक आयोजन की आड़ में मनमानी बर्दाश्त नहीं-
नवरात्र के दौरान शहर में जगह-जगह दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं और पूरा वातावरण भक्तिमय रहता है। हालांकि, कुछ स्थानों पर धार्मिक आयोजन की आड़ में जुआ जैसी गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें सामने आती हैं। इससे न केवल उत्सव की मर्यादा प्रभावित होती है, बल्कि आयोजन समितियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े होते हैं।
आयोजकों को बरतनी होगी चौकसी-
पुलिस की इस पहल से आयोजन समितियों पर अपने पंडालों में निगरानी रखने और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए चौकसी रखनी होगी। हालांकि अगले वर्ष अनुमति नहीं देने का निर्णय जिला प्रशासन द्वारा नियमानुसार तथ्यों और संबंधित समिति की भूमिका की समीक्षा के बाद ही लिया जाना चाहिए।
आस्था के मंच पर अवैध गतिविधियों के लिए जगह नहीं-
पुलिस की सख्ती का संदेश साफ है धार्मिक आयोजनों को अवैध गतिविधियों का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि कार्रवाई केवल जुआ खेलने वालों तक सीमित रहती है या आयोजन स्थलों की जवाबदेही भी तय होती है। नवरात्र की आस्था और उत्सव की पवित्रता बनाए रखने के लिए आयोजक समितियों की जिम्मेदारी तय करना जरूरी है।

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