जबलपुर: शराब की खेप पकड़ी गई, लेकिन सप्लायर कौन? 310 पाव शराब बरामद होने के बाद आबकारी विभाग पर उठे बड़े सवाल
शराब की खेप पकड़ी गई, लेकिन सप्लायर कौन? 310 पाव शराब बरामद होने के बाद आबकारी विभाग पर उठे बड़े सवाल

जबलपुर के भेड़ाघाट थाना क्षेत्र में पुलिस ने 310 पाव देशी शराब के साथ एक युवक को गिरफ्तार कर बड़ी कार्रवाई की है। लेकिन इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर अवैध शराब के पूरे नेटवर्क को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर इतनी बड़ी मात्रा में शराब आरोपी तक पहुंची कहां से? क्या पुलिस और आबकारी विभाग केवल छोटे वाहकों पर कार्रवाई कर रहे हैं, या फिर शराब सप्लाई करने वाले बड़े कारोबारियों तक भी जांच पहुंचेगी?
पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर जिलेभर में अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी एवं नगर पुलिस अधीक्षक बरगी अंजुल अयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कमलेश चौरिया** के नेतृत्व में भेड़ाघाट पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की।
आर्या मैरिज गार्डन सर्विस रोड पर घेराबंदी कर पुलिस ने आकाश अहिरवार को मोटरसाइकिल सहित पकड़ा। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 310 पाव देशी शराब बरामद की गई। पुलिस ने शराब और मोटरसाइकिल जब्त कर आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
कार्रवाई में प्रधान आरक्षक राजेश दुबे, आरक्षक अरविंद एवं आरक्षक संतोष जाट की सराहनीय भूमिका रही।
हालांकि इस कार्रवाई के बाद अब चर्चा इस बात की है कि शराब की इतनी बड़ी खेप आखिर किस ठिकाने से निकली थी। क्या इसके पीछे कोई संगठित सप्लाई नेटवर्क काम कर रहा है? जिले में आए दिन अवैध शराब की खेप पकड़ी जाती है, लेकिन बड़े शराब माफिया और सप्लायर शायद ही कभी सामने आते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस आरोपी से सख्ती से पूछताछ करे तो शराब सप्लाई करने वाले बड़े चेहरों तक पहुंचा जा सकता है। वहीं आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी मात्रा में शराब खुलेआम परिवहन हो रही थी और इसकी जानकारी विभाग को क्यों नहीं लगी।
अब जनता की नजर इस बात पर है कि पुलिस इस मामले में केवल एक गिरफ्तारी तक सीमित रहती है या फिर शराब के अवैध कारोबार की जड़ तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क का खुलासा करती है।



