बरगी के चर्चित मां-बेटी हत्याकांड में आया ऐतिहासिक फैसला! आरोपी रामजी भूमिया को फांसी की सजा, थाना बरगी पुलिस की सशक्त विवेचना से पीड़ित परिवार को मिला न्याय
बरगी के बहुचर्चित मां-बेटी हत्याकांड में आया ऐतिहासिक फैसला! हत्यारे रामजी भूमिया को फांसी, थाना बरगी पुलिस की सशक्त विवेचना से मिला इंसाफ"

जबलपुर के बहुचर्चित बरगी थाना क्षेत्र के बसंत नगर में हुए मां-बेटी के निर्मम दोहरे हत्याकांड में आखिरकार न्याय की जीत हुई है। लगभग एक वर्ष पहले पूरे जिले को झकझोर देने वाले इस मामले में माननीय न्यायालय ने मुख्य आरोपी रामजी भूमिया को मृत्युदंड (फांसी की सजा) और ₹3,000 के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला सशक्त पुलिस विवेचना और प्रभावी अभियोजन का महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है।
यह दर्दनाक वारदात 6 जून 2025 की रात हुई थी। थाना बरगी क्षेत्र के बसंत नगर में घरेलू विवाद ने खूनी रूप ले लिया, जब रामजी भूमिया ने अपनी पत्नी राधा भूमिया उर्फ अंजुम बानो और सौतेली बेटी महक भूमिया पर धारदार बका से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। दोनों गंभीर रूप से घायल होकर खून से लथपथ जमीन पर गिर गईं।
घटना की सूचना मिलते ही थाना बरगी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल राधा भूमिया उर्फ अंजुम बानो तथा महक भूमिया को एम्बुलेंस से नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने पहले राधा भूमिया और कुछ देर बाद महक भूमिया को मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया था।
मृतका के बेटे आशीष भूमिया उर्फ आशिफ खान ने पुलिस को बताया कि घटना से कुछ देर पहले उसकी बहन महक ने फोन कर घर में विवाद होने की जानकारी दी थी। जब वह घर पहुंचा तो उसने दोनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ देर बाद चीखने की आवाज सुनकर वापस पहुंचा तो देखा कि उसकी मां और बहन खून से लथपथ पड़ी थीं, जबकि रामजी भूमिया हथियार लेकर मौके से फरार हो चुका था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना बरगी पुलिस ने तत्काल हत्या का प्रकरण दर्ज कर आरोपी रामजी भूमिया की तलाश शुरू की और उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। इस पूरे प्रकरण की विवेचना निरीक्षक कमलेश चौरिया, निरीक्षक जितेन्द्र पाटकर तथा सब इंस्पेक्टर सरिता पटेल ने गहनता और वैज्ञानिक तरीके से पूरी की। मजबूत साक्ष्य एकत्र कर समय पर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
पूरे मामले की निगरानी पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देशन में की गई। वहीं उप-निदेशक (अभियोजन) के. एस. मुवेल और जिला अभियोजन अधिकारी अभिषेक दीक्षित के मार्गदर्शन में विशेष लोक अभियोजक श्रीमती बबिता कुल्हारा नागदेव ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों से सहमत होते हुए माननीय न्यायाधीश राजेश कुमार यादव ने आरोपी रामजी भूमिया को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत मृत्युदंड (फांसी) तथा ₹3,000 के अर्थदंड से दंडित किया।
थाना बरगी पुलिस की सशक्त विवेचना, समयबद्ध जांच और अभियोजन की मजबूत पैरवी ने इस संवेदनशील हत्याकांड में न्याय सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह फैसला उन जघन्य अपराधों के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है, जिनमें निर्दोष लोगों की निर्मम हत्या की जाती है। साथ ही यह भी दर्शाता है कि प्रभावी जांच और मजबूत कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से गंभीर मामलों में दोषियों को कानून के अनुसार कठोर दंड दिलाया जा सकता है।



