रिश्तों का कत्ल: शहडोल में पिता की हैवानियत से टूटी 16 साल की बेटी, जबलपुर स्टेशन पर काटीं रातें, अब पुलिस से लगाई न्याय की गुहार
रिश्तों का कत्ल: शहडोल में पिता की हैवानियत से टूटी 16 साल की बेटी, जबलपुर स्टेशन पर काटीं रातें, अब पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

जबलपुर/शहडोल: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक ऐसा सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जिसने समाज और पारिवारिक रिश्तों को पूरी तरह शर्मसार कर दिया है। यहाँ एक कलयुगी पिता पर अपनी ही 16 वर्षीय सगी नाबालिग बेटी के साथ लंबे समय तक यौन उत्पीड़न करने का बेहद गंभीर आरोप लगा है। इस घिनौनी प्रताड़ना और खौफ से तंग आकर पीड़िता को अपना घर तक छोड़ना पड़ा। न्याय की उम्मीद में भटकती हुई यह मासूम आखिरकार जबलपुर पुलिस की शरण में पहुँची है।
रक्षक ही बना भक्षक: लंबे समय से हो रहा था शोषण
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी पिता शहडोल की एक निजी कंपनी में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत है। पीड़िता ने जबलपुर महिला थाने में रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। किशोरी का आरोप है कि उसका पिता काफी समय से उस पर बुरी नीयत रखता था। वह घर में अकेलेपन का फायदा उठाकर उसे गलत तरीके से छूता था और लगातार शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालता था। विरोध करने पर उसे डराया-धमकाया जाता था। पिता की इस दरिंदगी ने मासूम को मानसिक और शारीरिक रूप से इस कदर तोड़ दिया कि उसका अपने ही घर में दम घुटने लगा था।
घर से भागकर रेलवे स्टेशन को बनाया ठिकाना
जब पिता का जुल्म बर्दाश्त से बाहर हो गया, तो मासूम ने वहाँ से भागने का फैसला किया। बीते 9 तारीख को वह किसी तरह अपने घर से चुपके से निकल गई और ट्रेन पकड़कर जबलपुर पहुँच गई। अनजान शहर और हाथ में पैसे न होने के कारण, वह गहरे खौफ में थी। पकड़े जाने के डर से उसने कई दिनों तक जबलपुर रेलवे स्टेशन पर ही छिपकर और भटककर अपनी रातें गुजारीं। भूख, प्यास और अनहोनी के डर के बीच जी रही इस नाबालिग ने आखिरकार समाज के इस क्रूर चेहरे के खिलाफ खड़े होने की हिम्मत जुटाई।
33 साल के अधेड़ से जबरन शादी की थी तैयारी
पीड़िता ने पुलिस के सामने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि आरोपी पिता न केवल उसका यौन शोषण कर रहा था, बल्कि उसकी मर्जी के खिलाफ जबरन एक 33 वर्षीय व्यक्ति के साथ उसकी शादी कराने की तैयारी में था। पीड़िता अपनी उम्र से लगभग दोगुने बड़े व्यक्ति के साथ इस जबरन विवाह और पिता के रोज-रोज के अत्याचारों से हमेशा के लिए मुक्त होना चाहती थी, इसलिए उसने घर छोड़ने का बड़ा कदम उठाया।
महिला थाने पहुँची पीड़िता, पुलिस ने लिया एक्शन
रेलवे स्टेशन पर कई दिन काटने के बाद, पीड़िता हिम्मत करके जबलपुर के महिला थाने पहुँची। वहाँ उसने प्रधान आरक्षक कमल पटेल को अपनी पूरी दास्तान सुनाई, जिसे सुनकर पुलिस कर्मी भी दंग रह गए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। प्रधान आरक्षक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर जीरो पर प्राथमिकी (Zero FIR) दर्ज कर ली गई है। चूंकि मूल घटना कार्यक्षेत्र शहडोल जिले का है, इसलिए कानूनी प्रक्रिया पूरी कर केस डायरी को संबंधित थाने भेजा जा रहा है।
वर्तमान में पुलिस ने पीड़िता को पूरी सुरक्षा मुहैया कराई है और उसे सुरक्षित संरक्षण में रखा गया है। यह दर्दनाक घटना इस बात का गवाह है कि जब घर के भीतर ही रक्षक भक्षक बन जाए, तो मासूमों के पास अपनी जान और आबरू बचाने के लिए भागने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता। अब पूरे इलाके में इस कलयुगी पिता के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है।



