जबलपुर: कानपुर में छिपकर कर रहे थे काम, 13 साल बाद गिरफ्तार हुए हत्या के आरोपी,
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले की हनुमानताल थाना पुलिस ने 13 साल बाद ऐसे दो भाइयों को गिरफ्तार किया है जो हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद के बाद फरार हो गए थे। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद पुलिस लगातार उन्हें तलाश रही, लेकिन नहीं मिलने पर हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश दिए तब पुलिस ने उन्हें खोज निकाला। सोमवार को पुलिस ने इन दोनों आरोपी भाइयों को कानपुर से गिरफ्तार कर लिया।
मामला जबलपुर के बाबा टोला में रहने वाले दो भाइयों का है। राजेंद्र मराठा और नरबद मराठा पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, मारपीट, अवैध हथियार रखने जैसे संगीन अपराध दर्ज हैं। दोनों ने दहशत मचा रखी थी। 1997 में हत्या करने के बाद दोनों 2012 में जेल से छूटे और 2013 में फरार हो गए। चाकू मारकर की थी हत्या 1997 में राजेंद्र मराठा ने बड़े भाई नरबद मराठा, राजेंद्र केवट और नाबालिग भतीजे के साथ मिलकर श्रीनाथ कोरी की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। दोनों भाई इसके पहले भी हत्या, हत्या के प्रयास जैसे संगीन अपराध कर चुके थे, लिहाजा जिला कोर्ट ने दोनों को जेल भेज दिया।
हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई तो 2011 में सशर्त जमानत मिल गई। एक साल बाद 2013 में दोनों भाई परिवार के साथ आचानक गायब हो गए। हाईकोर्ट ने जमानत पर छूटे हत्या के आरोपियों को लेकर संज्ञान लेते हुए फरार हत्यारों के खिलाफ वारंट जारी किया। जबलपुर एसपी ने भी दोनों आरोपियों पर 4-4 हजार रुपए का इनाम घोषित करते हुए हनुमानताल थाना पुलिस को गिरफ्तार करने निर्देश दिए थे।
एक चौकीदारी तो दूसरा करता था मजदूरी दोनों किराए का मकान लेकर रहने लगे थे। नरबद फैक्ट्री में चौकीदारी करता था, तो राजेंद्र सब्जी मंडी में मजदूरी करता था। खास बात यह है कि एक ही स्थान पर यह लोग सिर्फ पांच से छह माह रहते और मकान बदल लिया करते। नरबद अधिकतर 24 घंटे ड्यूटी करता था। एक ही शहर में रहने के कारण दोनों को कभी-कभी फोन पर बात हुआ करती थी पर इनका मिलना नहीं होता था।
जबलपुर। हाईकोर्ट ने स्थाई वारंट किया जारी 2025 नवंबर में एक बार फिर हाईकोर्ट ने मामले पर संज्ञान लिया और स्थाई वारंट जारी किया। एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर हनुमानताल थाना पुलिस ने बाबा टोला में दोनों की तलाश की पर नहीं मिले। पुलिस ने आरोपियों का भाई धर्मेंद्र मराठा जो कि कटनी में रहता है, उससे पूछताछ की, लेकिन कुछ खास सफलता नहीं मिली। नरबद और राजेंद्र की एक बहन जबलपुर के घमापुर क्षेत्र में रहती है, पुलिस की एक टीम उसके घर भी पहुंची, तब उसने जानकारी दी कि बहुत समय पहले नरबद और राजेंद्र के बेटों से थोड़ी देर की बात हुई थी, बता रहे थे कि उत्तरप्रदेश के कानपुर में रह रहे हैं। पिता यहीं पर काम करते हैं।
थाना प्रभारी हनुमानताल के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम साढ़े चार सौ किलोमीटर दूर कानपुर पहुंची। साइबर टीम की मदद से पुलिस ने नरबद और राजेंद्र के परिवार वालों की लोकेशन निकाली और नरबद को एक फैक्ट्री में चौकीदारी करने के दौरान हिरासत में लिया, जबकि दूसरा आरोपी राजेंद्र ठेके में बैठकर शराब पी रहा था।
