SP सम्पत उपाध्याय का सख्त एक्शन रिव्यू! लंबित अपराधों पर पुलिस अधिकारियों से लिया हिसाब, साइबर फ्रॉड और ई-जीरो FIR पर दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
अपराध समीक्षा बैठक में संभागवार हुई कार्रवाई की समीक्षा, जनता की शिकायतों से लेकर गंभीर अपराधों तक SP की सख्ती

जबलपुर। अपराधों पर नियंत्रण के साथ-साथ लंबित मामलों के जल्द निराकरण को लेकर जबलपुर पुलिस अब एक्शन मोड में नजर आ रही है। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक लेकर न केवल लंबित अपराधों की स्थिति जानी, बल्कि पूर्व में दिए गए निर्देशों पर अब तक हुई कार्रवाई का भी बारीकी से रिव्यू किया। बैठक में साफ संदेश दिया गया कि गंभीर अपराध, जनता की शिकायतें और जांच से जुड़े मामले अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहने चाहिए।
11 अगस्त 2026 को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित बैठक में पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय की मौजूदगी में जिले के राजपत्रित अधिकारियों के साथ संभागवार समीक्षा की गई। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर आयुष जाखड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पल्लवी शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन अंजना तिवारी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात अखिलेश तिवारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, झपटमारी, नकबजनी, SC/ST एक्ट, महिला संबंधी अपराध और संपत्ति संबंधी अपराधों की स्थिति की समीक्षा की गई। SP सम्पत उपाध्याय ने अधिकारियों से यह जानकारी ली कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के बाद कितने मामलों में कार्रवाई हुई और कितने मामले अभी भी लंबित हैं।
महिला संबंधी अपराधों को लेकर SP ने विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के साथ विवेचना को समय पर पूरा कर न्यायालय में चालान पेश करने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं संपत्ति संबंधी लंबित अपराधों में आरोपियों की पतासाजी, गिरफ्तारी और चोरी गई संपत्ति की बरामदगी पर भी जोर दिया गया।
जनता की शिकायतों पर भी जवाबदेही तय
बैठक में CM हेल्पलाइन, वरिष्ठ पुलिस कार्यालय और जनसुनवाई से प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों से प्राप्त शिकायतों की संख्या, लंबित मामलों और अब तक किए गए निराकरण की जानकारी ली गई।
SP सम्पत उपाध्याय ने निर्देश दिए कि आम जनता की शिकायतों को केवल औपचारिकता के तौर पर न लिया जाए। प्रत्येक शिकायत की गंभीरता से जांच हो और समय-सीमा में वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पुलिस अधिकारियों को अपने स्तर पर लंबित जांच जल्द पूरी करने के भी निर्देश दिए गए।
साइबर अपराध पर तत्काल रिस्पॉन्स
बैठक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर रहा। SP सम्पत उपाध्याय ने साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया फ्रॉड और अन्य ऑनलाइन अपराधों की स्थिति की जानकारी लेते हुए पुलिस के सामने आ रही समस्याओं और कार्रवाई की समीक्षा की।
उन्होंने निर्देश दिए कि साइबर अपराध की शिकायत मिलते ही पुलिस की प्रतिक्रिया तेज होनी चाहिए। पीड़ित को जल्द राहत दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई तत्काल शुरू की जाए, ताकि संभावित आर्थिक नुकसान को कम करने का प्रयास किया जा सके।
ई-जीरो FIR को लेकर भी सख्ती
SP सम्पत उपाध्याय ने ई-जीरो FIR की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पोर्टल पर कोई भी जीरो FIR अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहनी चाहिए। संबंधित अधिकारी तत्काल जांच कर मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करें।
इसके साथ ही दूसरे राज्यों से प्राप्त होने वाले ऑनलाइन नोटिस को पहले सत्यापित करने और संबंधित थाना के माध्यम से समय पर तामील कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के अंत में SP सम्पत उपाध्याय ने सभी राजपत्रित अधिकारियों को अपने-अपने स्तर पर लंबित जांच और शिकायतों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
कुल मिलाकर जबलपुर पुलिस की यह समीक्षा बैठक केवल आंकड़ों की समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें जवाबदेही, त्वरित कार्रवाई और लंबित मामलों के परिणाम पर जोर दिया गया। गंभीर अपराधों से लेकर साइबर फ्रॉड, जनसुनवाई की शिकायतों और ई-जीरो FIR तक हर स्तर पर कार्रवाई की गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अब देखना होगा कि इस समीक्षा के बाद लंबित मामलों के निराकरण और अपराध नियंत्रण में पुलिस की कार्रवाई किस तरह सामने आती है।



