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एक झटके में उजड़ गया परिवार! हाईटेंशन करंट ने छीन ली मां-बेटे की जिंदगी, घर में पसरा मातम; 12 साल का मासूम अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा

जबलपुर। जिस घर में कुछ देर पहले तक अपनों की आवाजें गूंज रही थीं, जहां परिवार के लोग साथ थे और जिंदगी सामान्य रफ्तार से चल रही थी, उसी घर में अचानक ऐसा हादसा हुआ कि खुशियां चीख-पुकार और मातम में बदल गईं। गोरखपुर थाना क्षेत्र की रामपुर मांडवा बस्ती में हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से सीता राजपूत (55) और उनके बेटे किशन राजपूत (23) की दर्दनाक मौत हो गई। परिवार का 12 वर्षीय भतीजा बाबू उर्फ रियान राजपूत भी गंभीर रूप से झुलस गया। एक ही हादसे ने परिवार को ऐसा जख्म दिया है, जिसकी पीड़ा शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

छत पर रखा जा रहा था लोहे का सामान, किसी को नहीं था अनहोनी का अंदेशा,
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रविवार शाम देवेंद्र राजपूत के घर की छत पर पुराना लोहे का सामान रखा जा रहा था। परिवार के लिए यह रोजमर्रा के काम जैसा ही था, लेकिन छत के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के कारण यह काम जानलेवा साबित हुआ। लोहे का सामान बिजली के तारों के संपर्क में आया और करंट फैल गया। देखते ही देखते सीता राजपूत और उनके बेटे किशन राजपूत इसकी चपेट में आ गए। दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

एक साथ मां और बेटे को खोने का दर्द, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़,
मां और बेटे की एक साथ मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। सीता राजपूत के लिए यह जिंदगी का आखिरी पल साबित हुआ, जबकि किशन राजपूत (23) की असमय मौत ने परिवार के सपनों को भी तोड़ दिया। जिस बेटे को परिवार के साथ जीवन की राह पर आगे बढ़ना था, वह अचानक दुनिया से चला गया। घर के लोगों के लिए इस सच्चाई को स्वीकार करना कितना कठिन होगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं और बस्ती में शोक की लहर दौड़ गई।

12 साल का बाबू भी झुलसा, अस्पताल में चल रहा इलाज,
इस हादसे की त्रासदी यहीं खत्म नहीं हुई। परिवार का 12 वर्षीय बाबू उर्फ रियान राजपूत भी करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई गई। एक ओर परिवार मां-बेटे को खोने के सदमे से गुजर रहा है, वहीं दूसरी ओर घायल बच्चे की चिंता भी परिजनों को परेशान कर रही है। इस परिवार के लिए यह समय असहनीय पीड़ा और अनिश्चितता से भरा हुआ है।

हादसे के बाद बस्ती में मातम, पुलिस ने शुरू की जांच,
घटना की सूचना मिलने पर गोरखपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए हादसे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, लोहे का सामान हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने से यह हादसा हुआ। बिजली लाइन की स्थिति और अन्य परिस्थितियों की जांच के बाद ही हादसे से जुड़े सभी तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।

सवाल छोड़ गया दर्दनाक हादसा: क्या ऐसी त्रासदी रोकी जा सकती थी?
रामपुर मांडवा की यह घटना केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि हाईटेंशन बिजली लाइनों के आसपास सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता भी है। घरों की छतों के ऊपर से गुजरने वाली बिजली लाइनों के नजदीक लोहे जैसी लंबी वस्तुओं को ले जाना बेहद खतरनाक हो सकता है। ऐसे स्थानों पर उचित सुरक्षा, जागरूकता और बिजली व्यवस्था की स्थिति की जांच महत्वपूर्ण है।

सीता राजपूत और किशन राजपूत अब लौटकर नहीं आएंगे। उनके जाने से परिवार में जो खालीपन पैदा हुआ है, उसे कोई भर नहीं सकता। अब हर किसी की निगाह घायल बाबू उर्फ रियान के स्वास्थ्य पर टिकी है। उम्मीद यही है कि वह जल्द स्वस्थ हो और इस दुख से टूटे परिवार को कुछ राहत मिल सके।

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