मानव सेवा का संकल्प लेकर आगे आया ‘आहार दान सेवा संघ’, मेडिकल अस्पताल में मरीजों और परिजनों को मिलेगा निःशुल्क भोजन

जबलपुर। सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और जरूरतमंद को भोजन कराना मानवता की सच्ची मिसाल। इसी भावना को साकार करने के उद्देश्य से आहार दान सेवा संघ की शुरुआत की गई है। संस्था के संस्थापक अनिल जैन बड़कुल ने मानव सेवा का संकल्प लेते हुए इस पहल को आगे बढ़ाया है। संस्था का मुख्य उद्देश्य मानवता की सेवा करना और आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के प्रकल्पों को आगे बढ़ाना है।
फिलहाल 10 सदस्यों के साथ शुरू हुई यह संस्था आने वाले समय में अपने सेवा अभियान से और लोगों को जोड़ने का प्रयास करेगी। संस्था की योजना के अनुसार सप्ताह में एक दिन मेडिकल अस्पताल परिसर में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के लिए निःशुल्क भोजन की व्यवस्था की जाएगी। इसमें खिचड़ी, दलिया, खीर और वेज पुलाव जैसे पौष्टिक व्यंजन समय-समय पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
अस्पताल में इलाज के दौरान मरीजों के परिजन पहले ही मानसिक और आर्थिक परेशानियों से जूझते हैं। ऐसे में निःशुल्क भोजन की व्यवस्था उनके लिए राहत का सहारा बन सकती है। आहार दान सेवा संघ की यह पहल समाज को संदेश देती है कि सेवा केवल शब्दों से नहीं, बल्कि जरूरतमंद के साथ खड़े होने से सार्थक होती है।
संस्थापक अनिल जैन बड़कुल और संस्था के सदस्यों का लक्ष्य इस सेवा अभियान को विस्तार देना है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक सहायता पहुंच सके। मानव सेवा और करुणा की भावना के साथ शुरू हुई यह पहल समाज में सहयोग, समर्पण और संवेदनशीलता की नई मिसाल कायम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आहार दान—सेवा, समर्पण और मानवता का संकल्प।
जबलपुर से सुनील सेन की रिपोर्ट,7974423030



