एक मोबाइल के लिए खूनी वारदात! रांझी में डंडे-लोहे की रॉड से युवक पर जानलेवा हमला, थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी की टीम ने दोनों आरोपियों को दबोचा, पुलिस जुलूस की भी चर्चा

जबलपुर। एक मोबाइल फोन देने से इनकार किया तो विवाद इतना बढ़ गया कि बात डंडे और लोहे की रॉड से हमले तक पहुंच गई। जबलपुर के रांझी थाना क्षेत्र में हुई इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर छोटी-सी बात पर लोग हिंसा पर क्यों उतर आते हैं? मरघटाई गार्डन में 30 वर्षीय प्रमोद सेन पर हमला करने के मामले में रांझी पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी और उनकी टीम की अहम भूमिका रही।
मोबाइल मांगा, इनकार मिला तो शुरू हुआ विवाद,
पुलिस के मुताबिक, 22 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे प्रमोद सेन अपने दोस्तों मनीष साहू और दीपक सोनी के साथ मरघटाई गार्डन में पीपल के पेड़ के पास बैठा था। इसी दौरान प्रमोद के मोबाइल पर कॉल आया और वह बात करते हुए टहलने लगा। आरोप है कि तभी क्षेत्र में रहने वाला प्रकाश उर्फ ओमप्रकाश चौधरी वहां पहुंचा और बातचीत करने के लिए प्रमोद से मोबाइल मांगने लगा। प्रमोद ने मोबाइल देने से इनकार किया तो कथित तौर पर गाली-गलौज हुई और धमकी देकर प्रकाश वहां से चला गया।
कुछ देर बाद लौटे दोनों आरोपी, युवक पर बरसाए डंडे और रॉड,
शिकायत के अनुसार, कुछ समय बाद प्रकाश अपने बड़े पिता विष्णु उर्फ विश्वनाथ चौधरी के साथ वापस पहुंचा। आरोप है कि दोनों के हाथों में डंडा और लोहे की रॉड थी। इसके बाद प्रमोद पर हमला कर दिया गया। सिर, जबड़े और कमर में चोट लगने से प्रमोद जमीन पर गिर पड़ा। हमला करने के बाद दोनों मौके से भाग निकले। प्रमोद के साथ मौजूद दोस्तों ने उसे संभाला और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
बेटे की हालत देखकर पिता पहुंचे, पुलिस ने दर्ज किया मामला,
घटना की जानकारी मिलने पर प्रमोद के पिता वीरेन्द्र सेन मौके पर पहुंचे। बेटे के सिर में गंभीर चोट देखकर परिवार परेशान हो गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध क्रमांक 848/26 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी की अगुवाई में घेराबंदी, दोनों गिरफ्तार,
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-3 मनीष भारद्वाज और नगर पुलिस अधीक्षक रांझी सतीष साहू के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी ने पुलिस टीम के साथ आरोपियों की तलाश शुरू की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने मरघटाई, बड़ा पत्थर क्षेत्र में दबिश देकर प्रकाश उर्फ ओमप्रकाश चौधरी (31 वर्ष) और विष्णु उर्फ विश्वनाथ चौधरी (55 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए डंडे और लोहे की रॉड भी जब्त की है।
आरोपियों के जुलूस की चर्चा, न्यायालय के आदेश पर जेल भेजे गए,
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जुलूस निकाले जाने की चर्चा भी है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
कार्रवाई में थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी, सहायक उपनिरीक्षक मनीष जाटव, प्रधान आरक्षक राजकुमार छिरा, राकेश सनोडिया तथा आरक्षक भूपेंद्र और राहुल की भूमिका रही।
एक मोबाइल के पीछे इतनी बड़ी वारदात—समाज के लिए चेतावनी,
मोबाइल फोन आज हमारी रोजमर्रा की जरूरत है, लेकिन क्या किसी को मोबाइल नहीं देने पर गाली-गलौज और मारपीट करना जायज हो सकता है? एक छोटे से विवाद ने प्रमोद को अस्पताल पहुंचा दिया और उसके परिवार को चिंता में डाल दिया। गुस्से में उठाया गया एक कदम किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। कानून हाथ में लेने का अंजाम गिरफ्तारी और जेल तक पहुंच सकता है। रांझी पुलिस की कार्रवाई के बाद अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।