ऑपरेशन गरिमा’ पर बवाल! आरोपी के समर्थन में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव, सड़क जाम कर आम जनता को किया परेशान
महिलाओं की सुरक्षा के अभियान का विरोध | आरोपी को छुड़ाने की मांग | सीएसपी महादेव नागोटिया ने संभाली स्थिति

सुनील सेन SET NEWS जबलपुर । महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन गरिमा’ के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में संजीवनी नगर थाना क्षेत्र में हंगामे की स्थिति बन गई। पुलिस ने अभियान के दौरान गढ़ा थाना क्षेत्र निवासी अजय कोस्टा के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की, जिसके बाद उसके समर्थन में बजरंग दल के कार्यकर्ता थाने पहुंच गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार, एडिशनल एसपी अनु बेनीवाल के निर्देशन में शहरभर में स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर मनचलों एवं संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान पुलिस ने उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए अजय कोस्टा को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई की।
पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में बजरंग दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में संजीवनी नगर थाना पहुंचे। आरोपी को छोड़ने की मांग को लेकर पहले थाने का घेराव किया गया और बाद में मुख्य सड़क पर चक्का जाम कर दिया गया। इस दौरान शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम नागरिक, स्कूली बच्चे, मरीज तथा कार्यालय जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही गोरखपुर संभाग के सीएसपी महादेव नागोतिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को नियंत्रित किया, प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की समझाइश दी। काफी देर तक चली समझाइश के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और पुलिस ने यातायात को पुनः सुचारु कराया।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन गरिमा’ किसी व्यक्ति या संगठन के खिलाफ नहीं, बल्कि महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा अभियान है। अभियान के दौरान कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है और किसी भी प्रकार के दबाव में पुलिस अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटेगी।
पुलिस का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई व्यक्ति कानून का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई होगी। वहीं, सार्वजनिक व्यवस्था बाधित करने और सड़क जाम जैसी गतिविधियों के संबंध में भी नियमानुसार जांच और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



