गांजा तस्करी में महिला बनी ‘ढाल’! अटैची-बैग लेकर निकले तीन आरोपी,गढ़ा पुलिस और क्राइम ब्रांच ने ऐसे खोला राज
ओडिशा से जबलपुर तक गांजे की खेप! महिला बनी तस्करों का ‘सहारा’, गढ़ा पुलिस और क्राइम ब्रांच ने खोला पूरा राज,बड्डा दादा मैदान में अटैची-बैग लेकर खड़े थे तीन आरोपी, पुलिस को देखकर भागे; 18 किलो 682 ग्राम गांजा बरामद

जबलपुर। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जबलपुर पुलिस की कार्रवाई में क्राइम ब्रांच और गढ़ा थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। बड्डा दादा मैदान के पास घेराबंदी कर एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 18 किलो 682 ग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 9 लाख 34 हजार रुपये बताई गई है।
मुखबिर की सूचना ने खोला तस्करी का राज,
पुलिस के मुताबिक क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि बड्डा दादा मैदान के पास एक महिला और दो युवक अटैची व बैग लेकर खड़े हैं। सूचना में बड़ी मात्रा में गांजा होने की आशंका जताई गई थी। जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर क्राइम ब्रांच और गढ़ा पुलिस की संयुक्त टीम को मौके पर भेजा गया।
टीम ने इलाके की घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही तीनों संदिग्धों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया।
अटैची और बैग से निकली गांजे की बड़ी खेप,
पूछताछ में आरोपियों की पहचान अनिकेत श्रीपाल, उम्र 20 वर्ष, निवासी गांधी चौक रांझी, दीपू उर्फ देव रजक, उम्र 22 वर्ष, निवासी चिकनी कुआं गढ़ा और कमला बाई अहिरवार, उम्र 45 वर्ष, निवासी बढ़ैया खेड़ा, जिला नरसिंहपुर, वर्तमान निवासी पुरवा झंडा चौक गढ़ा के रूप में हुई।
तलाशी में अनिकेत श्रीपाल की ट्रॉली अटैची से चार पैकेट, दीपू उर्फ देव रजक के बैग से चार पैकेट और कमला बाई अहिरवार के बैग से दो पैकेट मिले। वजन कराने पर कुल 18 किलो 682 ग्राम गांजा बरामद हुआ।
महिला की भूमिका भी जांच के घेरे में,
एक महिला को साथ लेकर गांजे की खेप ले जाने के मामले ने पुलिस की जांच को महत्वपूर्ण दिशा दी है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि कमला बाई की भूमिका क्या थी और वह दोनों युवकों के साथ किस उद्देश्य से मौजूद थी। महिला को साथ रखना क्या तस्करी के दौरान सामान्य गतिविधि दिखाने की रणनीति थी या उसकी भूमिका अलग थी—इसकी पुष्टि पूछताछ और जांच के बाद होगी।
वहीं गांजे की खेप ओडिशा से जबलपुर पहुंचने की आशंका की भी जांच की जा रही है। पुलिस सप्लाई रूट, स्रोत और संभावित खरीदारों की जानकारी जुटा रही है। इस संबंध में अभी कोई अंतिम पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
एसपी सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई,
जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने अधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देशित किया है। इसी अभियान के तहत कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-2 पल्लवी शुक्ला, नगर पुलिस अधीक्षक गढ़ा आशीष जैन और डीएसपी क्राइम उदयभान बागरी के मार्गदर्शन में की गई।
गढ़ा पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की टीम ने संभाला मोर्चा
कार्रवाई में डीएसपी शैलेष मिश्रा के निर्देशन में क्राइम ब्रांच के उप निरीक्षक प्रभाकर सिंह, सहायक उप निरीक्षक अनिल पाण्डे, सहायक उप निरीक्षक अशोक मिश्रा, प्रधान आरक्षक प्रदीप तेकाम, आरक्षक राजेश मिश्रा, आरक्षक राजेश मात्रे और आरक्षक अजीत सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वहीं थाना प्रभारी गढ़ा प्रसन्न कुमार शर्मा के नेतृत्व में उप निरीक्षक संजय सिंह गुर्जर, राजेन्द्र प्रसाद अहिरवार, प्रधान आरक्षक ज्ञानेन्द्र पाठक, सत्यनारायण ठाकुर, संदीप डेहरिया, नीरज तिवारी, आरक्षक गौरव, हेमंत पटेल और महिला सैनिक उमा पटेल ने कार्रवाई में सहयोग किया।
अब सप्लाई नेटवर्क की बारी,
तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब पुलिस पूछताछ के जरिए यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लाया गया था, किसे सप्लाई किया जाना था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
जबलपुर: 18 किलो 682 ग्राम गांजे की बरामदगी के बाद पुलिस की नजर अब केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है। गढ़ा पुलिस और क्राइम ब्रांच इस खेप के स्रोत और सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।



