नशे की महफिल में शुरू हुआ विवाद, चाकू चलने तक पहुंचा! दोस्ती बनी दुश्मनी और यशवंत की चली गई जान
कृष्णा कॉलोनी हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा | नशे के पैसे को लेकर शुरू हुआ विवाद बना मौत की वजह | दो आरोपी गिरफ्तार

सुनील सेन SET NEWS जबलपुर। गोहलपुर थाना क्षेत्र की कृष्णा कॉलोनी, त्रिमूर्ति नगर में हुई हत्या की वारदात ने एक बार फिर नशे के बढ़ते जाल और उसके खौफनाक अंजाम को सामने ला दिया है। कुछ घंटे पहले तक साथ बैठकर नशा करने वाले तीन युवक अचानक एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते विवाद ऐसा खूनी हो गया कि एक युवक की जिंदगी खत्म हो गई।
5 अगस्त की शाम कृष्णा कॉलोनी में सड़क किनारे एक युवक खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला। शरीर पर धारदार हथियार के कई गहरे घाव थे। सूचना मिलते ही गोहलपुर थाना प्रभारी रीतेश पाण्डेय अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। आसपास लोगों की भीड़ जमा थी, लेकिन युवक की सांसें थम चुकी थीं। मृतक की पहचान यशवंत उर्फ शिवा सेन ठाकुर के रूप में हुई।
नशे से शुरू हुआ विवाद मौत तक पहुंचा,
पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात से पहले यशवंत अपने दो साथियों रितिक उर्फ बड्डू सोनी और एक 17 वर्षीय विधि-विवादित बालक के साथ था। तीनों मोटरसाइकिल से कृष्णा कॉलोनी के पीछे पहुंचे और वहां नशा किया।
इसके बाद यशवंत ने दोबारा नशा खरीदने के लिए कहा। दोनों आरोपियों के पास पैसे नहीं थे। इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई। पुलिस के मुताबिक गाली-गलौज के बाद आरोपियों का गुस्सा इस कदर बढ़ा कि विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
आरोप है कि किशोर ने यशवंत को पकड़ लिया और रितिक उर्फ बड्डू सोनी ने चाकू से हमला कर दिया। छीना-झपटी में चाकू नीचे गिरा तो किशोर ने उसे उठाया और दोबारा हमला किया। कुछ ही देर में यशवंत गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई।
एक मामूली विवाद से शुरू हुआ यह घटनाक्रम कुछ ही मिनटों में जिंदगी और मौत का फैसला बन गया।
SP के निर्देश पर पुलिस ने खोली हत्या की गुत्थी,
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष जाखड़ और नगर पुलिस अधीक्षक उदयभान बागरी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रीतेश पाण्डेय के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई।
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिरों को सक्रिय किया। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को मृतक के साथ दोनों संदिग्धों के घूमने की जानकारी मिली।
पुलिस ने रितिक उर्फ बड्डू सोनी और 17 वर्षीय किशोर को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ में दोनों ने वारदात में अपनी भूमिका स्वीकार की।
चाकू, बाइक और कपड़े बरामद,
पुलिस ने रितिक उर्फ बड्डू सोनी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल और घटना के समय पहने कपड़े बरामद किए। वहीं विधि-विवादित बालक से बटनदार चाकू, मोबाइल, कपड़े, जूते और बेल्ट जब्त किए गए।
इस सनसनीखेज अंधी हत्या का महज 24 घंटे में खुलासा करने में थाना प्रभारी रीतेश पाण्डेय, उप निरीक्षक अम्बुज पाण्डेय, प्रधान आरक्षक जितेन्द्र तिवारी, जितेन्द्र यादव, आरक्षक समरेन्द्र सिंह, दिनेश दुबे, लालजी यादव, आलोक यादव, गोपाल और अभिरंजन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं एफएसएल अधिकारी डॉ. अजय सिंह ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में सहयोग किया।
यह सिर्फ एक हत्या की कहानी नहीं, बल्कि नशे के उस खतरनाक चेहरे की तस्वीर है जहां कुछ देर पहले साथ बैठने वाले लोग ही कुछ मिनट बाद एक-दूसरे की जान के दुश्मन बन गए।



