पांच दोस्तों की मौत… हादसा या सुनियोजित हत्या? हाईवा की टक्कर के पीछे रेत कारोबार की रंजिश का आरोप, पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी
पांच दोस्तों की मौत... हादसा या सुनियोजित हत्या? हाईवा की टक्कर के पीछे रेत कारोबार की रंजिश का आरोप, पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर-जबलपुर सीमा पर हुआ भीषण हाईवा हादसा अब एक बड़े आपराधिक रहस्य का रूप लेता जा रहा है। इस दर्दनाक घटना में जबलपुर के पावला गांव के पांच युवकों की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने इसे महज सड़क दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए सुनियोजित हत्या का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि घटना के पीछे अवैध रेत कारोबार से जुड़ी पुरानी रंजिश हो सकती है। इन आरोपों की फिलहाल पुलिस ने पुष्टि नहीं की है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
जानकारी के अनुसार, रविवार शाम पावला गांव के छह दोस्त घूमने के लिए हाथीनाला वॉटरफॉल गए थे। लौटते समय भोपाल-नेशनल हाईवे-45 पर इंदिरा नगर के पास एक तेज रफ्तार हाईवा ने उन्हें टक्कर मार दी। इस हादसे में राजेंद्र पटेल, वीरेंद्र लोधी, रामपाल सिंह लोधी, जयपाल सिंह लोधी और नीरज सिंह लोधी की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया, लेकिन अगले ही दिन मामला तब और गंभीर हो गया जब मृतकों के परिजनों ने इस घटना को दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या करार देते हुए पावला तिराहे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मृतकों को जानबूझकर हाईवा से कुचलवाया गया और इसके पीछे पुरानी रंजिश तथा अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों का हाथ हो सकता है। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
इस घटना में मृतक राजेंद्र पटेल के समाजवादी पार्टी से जुड़े होने के कारण मामला राजनीतिक रंग भी लेता दिखा। पार्टी नेताओं ने भी पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि यह सुनियोजित हत्या है, तो दोषियों को जल्द कानून के कटघरे में लाया जाए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर और नरसिंहपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हादसे और हत्या के आरोप—दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। हाईवा चालक, वाहन की पहचान, घटनास्थल के साक्ष्य, तकनीकी जानकारी और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाए जा रहे हैं।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि घटना वास्तव में दुर्घटना थी या किसी आपराधिक साजिश का हिस्सा। इसलिए पुलिस की जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। हालांकि, पांच युवकों की एक साथ हुई मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है और अब सभी की नजरें जांच पर टिकी हैं कि सच क्या है और यदि किसी की आपराधिक भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।



