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सड़क हादसे की परिस्थितियों पर उठे सवाल, एसपी को हाईकोर्ट बार ने लिखा पत्र, दो दिन में कार्रवाई नहीं तो होगा आंदोलन

जबलपुर। युवा अधिवक्ता शिवम शर्मा की कथित सड़क दुर्घटना में हुई मौत की परिस्थितियों को लेकर अधिवक्ता समुदाय में सवाल उठने लगे हैं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक जबलपुर को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। बार के सचिव असीम आदर्श मुनि त्रिवेदी ने स्पष्ट किया है कि घटनाक्रम से जुड़े प्रत्येक पहलू की जांच वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर की जानी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
हादसे की परिस्थितियों पर संदेह
बार एसोसिएशन के सचिव असीम आदर्श मुनि त्रिवेदी ने बताया कि पुलिस द्वारा बताया गया कि घटना गुरुवार रात करीब 3 बजे हुई। हादसे के समय कार में मौजूद बताए जा रहे एक अन्य व्यक्ति के सुरक्षित रहने, जबकि शिवम शर्मा की मृत्यु होने की परिस्थितियों को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है। एसोसिएशन ने घटनाक्रम को लेकर उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता जताई है।
कार खड़ी करने गया, मोबाइल छोड़ा-
बताया गया है कि शिवम शर्मा अपनी निजी कार धनवंतरी नगर में खड़ी कर गए थे। कार में उनका पर्स और मोबाइल फोन मौजूद था। बार एसोसिएशन ने मोबाइल फोन कार में ही छोड़े जाने सहित घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों को भी जांच के दायरे में शामिल करने की मांग की है। हालांकि इन परिस्थितियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
वाहन और घटनास्थल की फोरेंसिक जांच-
एसोसिएशन के सचिव श्री त्रिवेदी ने वाहन की स्थिति, टक्कर का स्वरूप और एयरबैग के सक्रिय न होने से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जांच की मांग की है। साथ ही घटनास्थल पर मौजूद साक्ष्यों में किसी तरह का बदलाव हुआ या नहीं, इसकी भी वैज्ञानिक तरीके से पड़ताल की आवश्यकता बताई है। घटनास्थल की वीडियोग्राफी, ब्रेकिंग और टक्कर के निशान तथा वाहन की फोरेंसिक जांच को महत्वपूर्ण बताया गया है।
सीसीटीवी और डिजिटल साक्ष्य खंगालने की मांग-
बार ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित कर उनकी जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही मोबाइल लोकेशन, अन्य डिजिटल साक्ष्य और घटनाक्रम से जुड़े प्रत्यक्ष एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का परीक्षण करने की बात कही गई है। एसोसिएशन का कहना है कि जांच किसी पूर्वधारणा के आधार पर नहीं, बल्कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए।
दो दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन-
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने पुलिस प्रशासन से दो दिवस के भीतर उच्चस्तरीय जांच शुरू करने की मांग की है। अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर अधिवक्ता समुदाय द्वारा आंदोलन किए जाने की चेतावनी दी गई है। अध्यक्ष मृगेन्द्र सिंह, सचिव असीम त्रिवेदी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विश्वास पलिया, उपाध्यक्ष सत्येन्द्र ज्योतिषी, सचिव रूपेश पटेल, लाइब्रेरी सचिव अजय शुक्ला, कोषाध्यक्ष सुशीला पालीवाल सहित कार्यकारिणी सदस्यों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।


