31 लाख की नकबजनी का मास्टरमाइंड बेनकाब! SP सम्पत उपाध्याय की रणनीति और थाना खितौला पुलिस–क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई से तीन शातिर चोर गिरफ्तार
31.65 लाख के सोने-चांदी के जेवर, दो कार और नकदी बरामद | तकनीकी जांच और मुखबिर की सूचना से मिली बड़ी सफलता

सुनील सेन SET NEWS | जबलपुर पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के हाथों से बच नहीं सकता। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना खितौला पुलिस और क्राइम ब्रांच ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 31 लाख रुपये से अधिक की नकबजनी का सनसनीखेज खुलासा कर तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
इस पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अनु वेनिवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) जितेन्द्र सिंह, प्रभारी एसडीओपी सिहोरा/पाटन लोकेश डाबर तथा डीएसपी क्राइम उदयभान बागरी के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई का नेतृत्व थाना प्रभारी चंद्रकांत झा ने किया, जिनकी टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
गिरफ्तार आरोपियों में अंकित कोरी पिता दुलीचंद कोरी (22 वर्ष), आकाश पटेल पिता संतोष पटेल (28 वर्ष) और शनि पटेल पिता राजकुमार पटेल (18 वर्ष), तीनों निवासी ग्राम भरदा पड़रिया, थाना पनागर, शामिल हैं।
मामला 12 जून 2026 का है, जब कमल नारायण सोनी ने पालीवाल कॉलोनी स्थित अपने किराए के मकान में हुई लाखों रुपये की चोरी की रिपोर्ट थाना खितौला में दर्ज कराई थी। अज्ञात बदमाश मकान का ताला तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण और नगदी लेकर फरार हो गए थे।
जांच के दौरान पुलिस ने एफएसएल, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट, डॉग स्क्वॉड और तकनीकी विश्लेषण का सहारा लिया। इसी बीच क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि कुछ युवकों के पास अचानक बड़ी रकम आई है और उन्होंने नई कारें खरीदी हैं। सूचना मिलते ही टीम ने तीनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ में तीनों ने चोरी करना स्वीकार कर लिया।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 212.3 ग्राम सोने के आभूषण, 808.8 ग्राम चांदी के आभूषण, कुल 31 लाख 65 हजार 200 रुपये कीमत का चोरी का माल, चोरी के पैसों से खरीदी गई अल्टो कार, अमेज कार और 54 हजार रुपये नकद बरामद किए।
इस बड़ी सफलता में थाना प्रभारी चंद्रकांत झा, उप निरीक्षक रामवरण मिश्रा, आरक्षक ओमप्रकाश, आरक्षक परमजीत यादव, डीएसपी शैलेष मिश्रा, सहायक उप निरीक्षक कैलाश मिश्रा, मोहन तिवारी, प्रधान आरक्षक हितेंद्र रावत, रुस्तम अली, आरक्षक सत्येंद्र बिसेन, पंकज सिंह, रितेश शुक्ला तथा सायबर सेल के उप निरीक्षक कपूर सिंह की सराहनीय भूमिका रही।
जबलपुर पुलिस अब तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड ले रही है, ताकि इनसे जिले की अन्य चोरी और नकबजनी की वारदातों के बारे में भी पूछताछ की जा सके। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह से कई और मामलों का खुलासा होने की संभावना है। इस कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराध करने वालों के लिए जबलपुर में कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है।



