FIR के बाद अभिषेक पाठक पर पुलिस का शिकंजा! गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश, पुलिस बोली—जल्द होगी पाठक की गिरफ्तारी

जबलपुर। शराब दुकानों से कथित तौर पर रकम मांगने और दबाव बनाने के आरोप में कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अभिषेक पाठक के खिलाफ गढ़ा थाने में FIR दर्ज होने के बाद अब पुलिस की कार्रवाई तेज होने की बात सामने आ रही है। शिकायतकर्ता निखिल सोनी की शिकायत पर दर्ज मामले में पुलिस कथित ऑडियो-वीडियो, CCTV और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों की तलाश,
गढ़ा थाना प्रभारी प्रसान्न शर्मा के अनुसार अभिषेक पाठक की गिरफ्तारी के लिए लगातार पुलिस टीमें तलाश और दबिश की कार्रवाई कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि पाठक फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर बताए जा रहे हैं। ऐसे में पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर पहुंचकर उनकी तलाश कर रही हैं।
पुलिस का दावा—जल्द होगी गिरफ्तारी,
थाना प्रभारी के मुताबिक मामले में पुलिस कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही है। पुलिस का कहना है कि अभिषेक पाठक को जल्द गिरफ्तार कर मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की नजर उन सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर है, जो मामले की जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
60 हजार रुपये प्रतिमाह मांगने का आरोप,
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तीन शराब दुकानों से कुल 60 हजार रुपये प्रतिमाह की मांग की जा रही थी। रकम देने से इनकार करने पर दबाव बनाने और दुकान बंद कराने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। इन्हीं आरोपों के आधार पर गढ़ा पुलिस ने धारा 308(2) और 351(2) BNS के तहत मामला दर्ज किया है।
ऑडियो को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे,
मामले में वायरल ऑडियो भी जांच का अहम हिस्सा है। अभिषेक पाठक ने आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया है कि ऑडियो को काट-छांटकर पेश किया गया और उसमें रकम की बातचीत दुकान के किराये से संबंधित थी। दूसरी ओर शिकायतकर्ता पक्ष इसे कथित वसूली से जोड़ रहा है। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों की जांच के जरिए दोनों दावों की वास्तविकता सामने लाने की कोशिश कर रही है।
अब पुलिस कार्रवाई पर टिकी नजर,
FIR के बाद मामला अब राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर पुलिस जांच के दौर में पहुंच गया है। एक तरफ कांग्रेस की ओर से निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है, तो दूसरी तरफ पुलिस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ने की बात कह रही है। अभिषेक पाठक की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की अगली कार्रवाई पर अब सभी की नजर है।
जांच के बाद ही आरोपों की अंतिम तस्वीर साफ होगी,
FIR में लगाए गए आरोप अभी जांच का विषय हैं और FIR अपने आप में अपराध सिद्ध नहीं करती। पुलिस की जांच, डिजिटल साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस के अनुसार अभिषेक पाठक की तलाश जारी है और गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



