दीवार खोदकर सूने मकान में की थी चोरी, निवार चौकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा; दो आरोपी गिरफ्तार
दीवार खोदकर सूने मकान में की थी चोरी, निवार चौकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा; दो आरोपी गिरफ्तार

कटनी। अपराध कर आसानी से बच निकलने की सोच रखने वाले दो शातिर चोरों को पुलिस चौकी निवार, थाना माधवनगर की मुस्तैद टीम ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। चोरी की इस वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी गए चांदी के जेवरात, घरेलू बर्तन, नगदी राशि तथा वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित करीब 90 हजार रुपये का मशरूका बरामद किया है।
मामला 6 मई 2026 का है। जरवाही क्षेत्र निवासी हेमचंद्र कुशवाहा अपने परिवार के साथ रिश्तेदारी में गए हुए थे। घर सूना देखकर चोरों ने पीछे की दीवार को खोदकर मकान में प्रवेश किया और घर में रखे चांदी के जेवरात, बर्तन एवं नगदी रकम चोरी कर फरार हो गए। परिवार के लौटने पर चोरी का पता चला, जिसके बाद थाना माधवनगर में मामला दर्ज कराया गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया एवं थाना प्रभारी संजय दुबे के नेतृत्व में पुलिस चौकी निवार की टीम सक्रिय हो गई। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की।
लगातार की गई मेहनत और सटीक जांच के चलते पुलिस ने ढूंढरी निवासी अभिलाष उर्फ बेजिंदी वासुदेव (22 वर्ष) और इन्द्रजीत मांझी (32 वर्ष) को चिन्हित कर हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी गया सामान और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद कर ली।
पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल चोरी की गुत्थी सुलझाई, बल्कि पीड़ित परिवार को भी बड़ी राहत पहुंचाई। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।
इस सफल कार्रवाई में पुलिस चौकी निवार प्रभारी अंजनी मिश्र के नेतृत्व में राजेश कोरी, कमलेश्वर शुक्ला, प्रधान आरक्षक गौरव सेन, मनीष कुमार तथा आरक्षक अरविंद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम की तत्परता और पेशेवर जांच के चलते चोरी की वारदात का सफल खुलासा संभव हो सका।
कटनी पुलिस का यह अभियान स्पष्ट संदेश देता है कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी से वारदात को अंजाम दें, कानून के लंबे हाथ अंततः उन्हें पकड़ ही लेते हैं।



