Crime ReportsCrime ReportsIndiaJabalpurLatest NewsMP

जबलपुर: दो बाल्टी पानी के लिए हैवानियत! 12 साल की मासूम दिव्या पर टूट पड़े आरोपी, मासूम की चीखों से दहल उठा मोहल्ला

दो बाल्टी पानी के लिए हैवानियत! 12 साल की मासूम दिव्या पर टूट पड़े आरोपी, मासूम की चीखों से दहल उठा मोहल्ला

जबलपुर के रांझी थाना क्षेत्र के मुंडीटोरिया (नया मोहिनिया) में पानी जैसी बुनियादी जरूरत को लेकर हुआ विवाद उस समय दिल दहला देने वाली घटना में बदल गया, जब एक 12 वर्षीय मासूम बच्ची दिव्या कुशवाहा कथित रूप से हिंसा का शिकार हो गई। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें और खिलौने होने चाहिए, उस उम्र में दिव्या को मारपीट और दर्द का सामना करना पड़ा।

पीड़िता की मां मुन्नी बाई कुशवाहा के अनुसार, सरकारी नल पर पानी भरने के दौरान पड़ोसियों से कहासुनी हुई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर महक कोल और उसके भाई राज कोल ने मासूम दिव्या कुशवाहा को पकड़कर बेरहमी से पीटा। उसके बाल खींचे गए और लात-घूंसों से हमला किया गया, जिससे बच्ची के पेट और शरीर पर चोटें आईं। घायल हालत में उसे तत्काल रांझी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

एक पल के गुस्से ने एक मासूम के चेहरे की मुस्कान छीन ली। पानी का विवाद बातचीत से सुलझ सकता था, लेकिन आरोप है कि आरोपियों ने हिंसा का रास्ता चुना। यह घटना सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर संदेश है कि छोटी-छोटी बातों पर हिंसा किस हद तक पहुंच सकती है।

घटना की जानकारी मिलते ही रांझी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले को गंभीरता से लिया। थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के बाद महक कोल और राज कोल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 115(1) एवं 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

आज सवाल केवल इतना नहीं है कि एक बच्ची के साथ कथित मारपीट क्यों हुई, बल्कि यह भी है कि क्या पानी जैसे छोटे विवाद बच्चों तक पहुंचने चाहिए? समाज को यह समझना होगा कि किसी भी विवाद का समाधान हिंसा नहीं हो सकता। मासूम बच्चों की सुरक्षा और सम्मान हर परिस्थिति में सर्वोपरि होना चाहिए।

 

Related Articles

Back to top button