एक फोन ने बदल दी पूरी रात की कहानी! कोतवाली फ्लाईओवर से नीचे गिरा प्रमोद, परिवार ने खोया अपना सहारा
एक फोन ने बदल दी पूरी रात की कहानी! कोतवाली फ्लाईओवर से नीचे गिरा प्रमोद, परिवार ने खोया अपना सहारा

जबलपुर। रात का सन्नाटा… घर पर परिवार अपनों के लौटने का इंतजार कर रहा था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह इंतजार एक दर्दनाक खबर में बदलने वाला है। कोतवाली थाना क्षेत्र के फ्लाईओवर ब्रिज पर देर रात हुए भीषण हादसे में स्कूटर सवार प्रमोद दास की दर्दनाक मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि प्रमोद मदन महल क्षेत्र के रहने वाले थे और पिछले करीब 15 से 20 वर्षों से करोंदा नाला बायपास स्थित शराब दुकान में काम करते थे। रोज की तरह वह अपने स्कूटर से घर लौट रहे थे। लेकिन देर रात फ्लाईओवर पर अचानक उनका वाहन अनियंत्रित हो गया और वह ब्रिज से सीधे नीचे जा गिरे।
घर पर इंतजार कर रहा था परिवार, फोन ने दी दर्दनाक खबर,
रात करीब 1 बजे तक जब प्रमोद घर नहीं पहुंचे तो उनके बड़े भाई प्रदीप कुमार दास को चिंता होने लगी। उन्होंने प्रमोद को फोन लगाया, लेकिन फोन नहीं उठा। परिवार ने सोचा कि शायद प्रमोद वाहन चला रहे होंगे, इसलिए फोन नहीं उठा पा रहे हैं। कुछ देर बाद भतीजे ने दोबारा फोन किया। इस बार फोन परिवार के किसी सदस्य ने नहीं, बल्कि राहगीरों या पुलिस ने उठाया। फोन पर जो जानकारी मिली, उसने पूरे परिवार को हिलाकर रख दिया—प्रमोद का एक्सीडेंट हो चुका था।
फ्लाईओवर से सीधे नीचे गिरे, मौके पर ही मौत,
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा बेहद दर्दनाक था। स्कूटर का संतुलन बिगड़ने के बाद प्रमोद ब्रिज से नीचे जा गिरे। ऊंचाई से गिरने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे में स्कूटर भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटनास्थल से बरामद वाहन का नंबर MP 20 SP 5066 बताया गया है।
पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच,
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अब पुलिस हादसे की वास्तविक वजह तलाश रही है। आखिर फ्लाईओवर पर ऐसा क्या हुआ कि प्रमोद अपने स्कूटर पर नियंत्रण नहीं रख सके? क्या अचानक कोई बाधा सामने आई थी, सड़क की स्थिति वजह बनी या किसी अन्य कारण से वाहन अनियंत्रित हुआ—इन सभी बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है।
15-20 साल नौकरी के बाद घर लौटना था, लेकिन नहीं लौटे प्रमोद,
प्रमोद लंबे समय से शराब दुकान में काम कर अपने परिवार का जीवन चला रहे थे। परिवार के लिए उनकी रोज की घर वापसी सामान्य बात थी। लेकिन उस रात परिवार की नजरें दरवाजे पर लगी रहीं और प्रमोद कभी वापस नहीं आए।
एक फोन कॉल से शुरू हुई चिंता कुछ ही मिनटों में मातम में बदल गई। परिवार के लिए यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि जिंदगी भर का दर्द बन गया है। फिलहाल कोतवाली पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।



