किसी ने चुना मौत का फंदा, किसी को निगल गया हादसा; एक दिन में उजड़ गए तीन परिवार
किसी ने चुना मौत का फंदा, किसी को निगल गया हादसा; एक दिन में उजड़ गए तीन परिवार

जबलपुर जिले में रविवार का दिन तीन परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दर्द छोड़ गया। अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की अकाल मृत्यु ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया। भेड़ाघाट में एक युवक ने फांसी लगाकर जीवन समाप्त कर लिया, जबकि पनागर और माढ़ोताल क्षेत्र में हुए सड़क हादसों ने दो लोगों की जान ले ली। तीनों मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला भेड़ाघाट थाना क्षेत्र के ग्राम बहदन का है। यहां 36 वर्षीय दयाचंद अहिरवार, जो छोटा हाथी मालवाहक वाहन चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे, मृत अवस्था में फांसी के फंदे पर लटके मिले। पत्नी गोमती अहिरवार के अनुसार दयाचंद रोज की तरह काम से लौटे थे और परिवार के साथ भोजन करने के बाद घर में सोने चले गए थे। रात करीब साढ़े तीन बजे बेटे अमृत ने घर के अंदर जाकर देखा तो उसके पिता साड़ी के फंदे से लटके हुए थे। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। बताया जा रहा है कि दयाचंद को सीने में दर्द की शिकायत रहती थी और उनका उपचार भी चल रहा था।
दूसरी दर्दनाक घटना पनागर थाना क्षेत्र में सामने आई। रामसजीवन उर्फ लाला साहू (47 वर्ष) निवासी ग्राम मोहरवां, जिला रीवा, कुशनेर ब्रिज के पास सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी।
वहीं तीसरी घटना माढ़ोताल थाना क्षेत्र की है, जहां बद्रीप्रसाद साहू (52 वर्ष) कटंगी बायपास रोड पर ई-रिक्शा पलटने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उपचार शुरू होने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई।
एक ही दिन में हुई इन तीन मौतों ने कई सवाल छोड़ दिए हैं। कहीं पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच जिंदगी हार गई तो कहीं सड़क पर हुई एक चूक ने परिवार का सहारा छीन लिया। आज तीन घरों में चूल्हे नहीं जले, बल्कि मातम पसरा हुआ है।
जबलपुर में अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। कहीं मौत का फंदा जिंदगी पर भारी पड़ा तो कहीं सड़क हादसों ने अपनों को हमेशा के लिए जुदा कर दिया। पुलिस सभी मामलों की जांच में जुटी हुई है।”



