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जबलपुर: जानकारी नहीं तो काहे के टीआई, सड़क दुर्घटनाओं, फरार आरोपियों और लंबित शिकायतों पर कप्तान संपत उपाध्याय की खरी-खरी, बोले टीआई, सीएसपी खुद मैदान में उतरें, केवल जवाबों से काम नहीं चलेगा,अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस कप्तान के तेवर सख्त…

जानकारी नहीं तो काहे के टीआई, सड़क दुर्घटनाओं, फरार आरोपियों और लंबित शिकायतों पर कप्तान संपत उपाध्याय की खरी-खरी, बोले टीआई, सीएसपी खुद मैदान में उतरें, केवल जवाबों से काम नहीं चलेगा,अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस कप्तान के तेवर सख्त...

जबलपुर। पुलिस कप्तान संपत उपाध्याय ने गुरुवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में लापरवाही और प्रकरणों की जानकारी के अभाव पर थाना प्रभारियों एवं अधिकारियों को कड़े शब्दों में फटकार लगाई। सड़क दुर्घटनाओं, फरार आरोपियों, लंबित शिकायतों और गंभीर अपराधों की समीक्षा के दौरान कप्तान उपाध्याय का सख्त संदेश साफ रहा थाने की कमान संभालने वाले अधिकारी को हर महत्वपूर्ण प्रकरण की अद्यतन जानकारी रखनी होगी और गंभीर मामलों में स्वयं नेतृत्व कर कार्रवाई करनी होगी।

बरगी-संजीवनी नगर ने झांकी बंगले-
समीक्षा के दौरान बरगी और संजीवनी नगर थाना प्रभारियों से उनके क्षेत्रों में हुई सड़क दुर्घटनाओं की जानकारी मांगी गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कप्तान उपाध्याय ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा जब मालूम नहीं तो काहे को बने टीआई? कप्तान उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं को केवल आंकड़ों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि हर घटना की विवेचना, दोषियों पर कार्रवाई, पीड़ितों की मदद और दुर्घटना रोकने के उपायों की पूरी जानकारी थाना प्रभारी के पास होनी चाहिए।


ऐसे नही होता सुपर विजन सीएसपी साहब –
गोरखपुर सीएसपी महादेव नागोतिया को भी कप्तान उपध्याय ने प्रभावी सुपरविजन के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा काम करो, जानकारी रखो। सुपरविजन ऐसे होता है। प्रकरण की जानकारी नहीं है और उसके बाद भी हां में हां मिला रहे हो, ऐसा नहीं चलेगा।

खुद चले जाओ, दिक्कत क्या है-
गोसलपुर थाना क्षेत्र के एक प्रकरण में फरार आरोपी की गिरफ्तारी के संबंध में टीआई द्वारा टीम गठित करने का जवाब दिए जाने पर एसपी बिफर पड़े। उन्होंने कहा खुद क्यों नहीं जाते? खुद चले जाओ। तुम्हारे रहने या न रहने का मतलब क्या है? कप्तान उपाध्याय ने साफ किया कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी जैसे गंभीर मामलों में थाना प्रभारी केवल अधीनस्थों को निर्देश देकर अपनी जिम्मेदारी से अलग नहीं हो सकते।


पाटन ने साध ली चुप्पी-
पाटन टीआई को भी फरार आरोपी की गिरफ्तारी में देरी के लिए जमकर फटकार लगाई गई। कप्तान उपाध्याय ने निर्देश दिए थाना स्तर पर सीएम हेल्पलाइन, वरिष्ठ कार्यालयों, जनसुनवाई और आम नागरिकों से प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता से समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के भी निर्देश दिए।

गंभीर से लेकर दस्तयाबी सुनिश्चित सब पर फोकस-
बैठक में थानावार लंबित हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, झपटमारी, नकबजनी, एससी-एसटी एक्ट, महिला संबंधी अपराध एवं संपत्ति संबंधी अपराधों की विस्तृत समीक्षा की गई। कप्तान उपाध्याय ने अपहृत नाबालिग बालक-बालिकाओं की हरसंभव प्रयास कर दस्तयाबी सुनिश्चित करने और जिले के बाहर होने की जानकारी मिलने पर तत्काल टीम रवाना करने के निर्देश दिए।

महिला संबंधी अपराधों में बरतें गंभीरता-
महिला संबंधी अपराधों में संवेदनशीलता बरतते हुए आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी, विवेचना पूर्ण कर चालान पेश करने के निर्देश दिए गए। गंभीर अपराध, साइबर फ्रॉड और धोखाधड़ी के मामलों में जिले से बाहर छिपे फरार आरोपी एवं वारंटियों की पतासाजी कर विशेष टीमें गठित करने को कहा गया।

तकनीक का उपयोग विवेचना की गुणवत्ता-
बैठक में सीसीटीएनएस, ई-साक्ष्य, ई-विवेचना, ई-एफआईआर, ई-चालान और ई-समंस की भी समीक्षा हुई। पुलिस मुख्यालय से प्राप्त टैब विवेचकों को वितरित कर डिजिटल विवेचना, डायरी लेखन, नक्शा मौका, फोटो, वीडियो और दस्तावेज अपलोड करने का प्रशिक्षण दिया गया। कप्तान उपाध्याय ने कहा कि तकनीक का उपयोग विवेचना की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए प्रभावी ढंग से किया जाए।

यह रहे उपस्थित-
बैठक में एएसपी सिटी आयुष जाखड़, एएसपी ग्रामीण अनु बेनिवाल, एएसपी क्राइम जितेन्द्र सिंह, एएसपी जोन-2 पल्लवी शुक्ला, एएसपी जोन-4 अंजना तिवारी, एएसपी मुख्यालय सूर्यकांत शर्मा, एएसपी यातायात अखिलेश तिवारी सहित सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी मौजूद रहे।

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