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जबलपुर: दो रात, दो धमाके… सवालों के घेरे में शराब सिंडीकेट! -तिलवारा में बम फिंकवाने का आरोप, अगले ही दिन शराब ठेकेदार के दफ्तर पर हमला,क्या विवाद से ध्यान भटकाने और काउंटर एफआईआर की कोशिश,

दो रात, दो धमाके... सवालों के घेरे में शराब सिंडीकेट! -तिलवारा में बम फिंकवाने का आरोप, अगले ही दिन शराब ठेकेदार के दफ्तर पर हमला,क्या विवाद से ध्यान भटकाने और काउंटर एफआईआर की कोशिश, तिलवारा-गोरखपुर पुलिस हर एंगल पर जांच में जुटी

जबलपुर। शहर में लगातार दो रात हुई बमबाजी की घटनाओं ने शराब कारोबार और उससे जुड़े विवादों को नए सिरे से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। 25 जून की रात तिलवारा थाना क्षेत्र के आयुषीधरा कॉलोनी में रहने वाले राधेश्याम झारिया के घर पर सूअरमार बम फेंके जाने और तोड़फोड़ की घटना के बाद 26 जून की देर रात गोरखपुर थाना क्षेत्र में शराब ठेकेदार आशीष शिवहरे के कार्यालय के बाहर भी पांच बम फेंके जाने की शिकायत सामने आई। दोनों घटनाओं में एक समान रूप से आशीष शिवहरे का नाम सामने आने से पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस दोनों मामलों की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है और हर पहलू की पड़ताल में जुटी है।

वीडियो जारी कर लिया आशीष शिवहरे का नाम-
राधेश्याम झारिया ने तिलवारा पुलिस को दिए बयान और सार्वजनिक रूप से जारी वीडियो में आरोप लगाया है कि वह जिले में शराब कारोबार में कथित अनियमितताओं और शराब सिंडीकेट के खिलाफ लगातार शिकायतें कर रहे थे। इसी कारण उन्हें पहले समझौते और पैसों का प्रलोभन दिया गया तथा बाद में डराने के लिए उनके घर पर बम फिंकवाए गए। घटना में उनकी थार कार और पड़ोसी के मकान एवं वाहन को नुकसान पहुंचा। झारिया ने अपने आरोपों में सीधे शराब ठेकेदार आशीष शिवहरे का नाम लिया है। पुलिस ने इन आरोपों को जांच का हिस्सा बनाया है।

बंद ऑफिस में चलाए बम-
इसी बीच अगले ही दिन आशीष शिवहरे के बंद कार्यालय के बाहर बम फेंके जाने की घटना सामने आई। शिवहरे के मैनेजर अशोक मिश्रा ने पुलिस को आर्यन चौधरी, श्रेयांस त्रिपाठी और अरमान का नाम बताते हुए आरोप लगाया कि वह झूठी शिकायतें कर शराब कारोबारियों पर दबाव बनाते हैं। पुलिस ने इस मामले में एक संदेही नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

क्या विवादों से ध्यान भटकाने की कोशिश?-
पिछले कुछ समय से जिले में शराब बिक्री में कथित ओवररेटिंग, अवैध वसूली और शराब सिंडीकेट को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों और शिकायतकर्ताओं द्वारा आरोप लगाए गए हैं कि शराब कारोबारी आशीष शिवहरे की आबकारी विभाग के कुछ अधिकारियों विशेषकर सहायक आबकारी आयुक्त डॉ. संजीव दुबे से कथित सांठगांठ के कारण जिले में एक सिंडीकेट सक्रिय है। इन आरोपों का सार्वजनिक स्तर पर विरोध भी हो रहा है। इसी पृष्ठभूमि में अब यह चर्चा भी सामने आ रही है कि क्या बमबाजी की हालिया घटनाएं इन विवादों से ध्यान भटकाने या किसी अन्य उद्देश्य से जुड़ी हो सकती हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक पुलिस ने किसी भी ऐसे दावे की पुष्टि नहीं की है।

पुलिस जोड़ रही दोनों घटनाओं की कड़ियां-
जांच अधिकारियों का मानना है कि दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी हो सकती हैं। एक ओर राधेश्याम झारिया ने हमले के पीछे शराब सिंडीकेट से जुड़े लोगों का हाथ होने का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी ओर शराब कारोबारी के कार्यालय पर भी हमला होने की शिकायत दर्ज हुई है। पुलिस तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक जांच और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने का प्रयास कर रही है।

इनका कहना है-
राधेश्याम झारिया के घर हुई बमबाजी की घटना की हर पहलू से जांच की जा रही है। शिकायतकर्ता ने अपने बयान में आशीष शिवहरे पर संदेह व्यक्त किया है, जिसकी भी जांच की जा रही है।
-ब्रजेश मिश्रा, टीआई तिलवारा

शराब कारोबारी के कार्यालय पर बम फेंकने के मामले में एक संदेही नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-नितिन कमल, टीआई गोरखपुर

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