मानव तस्करी के खिलाफ जबलपुर पुलिस की बड़ी पहल, जागरूकता कार्यशाला में दिए अहम निर्देश
श्रमिकों के अधिकार, न्यूनतम मजदूरी और बाल श्रम पर भी हुई चर्चा; पुलिस-प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई पर जोर

जबलपुर। मानव तस्करी की रोकथाम और श्रमिकों के अधिकारों को लेकर जबलपुर पुलिस ने जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में विशेष जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें मानव तस्करी की पहचान, पीड़ितों की सहायता, न्यूनतम मजदूरी और श्रमिकों के अधिकारों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
कार्यशाला में उप पुलिस अधीक्षक महिला प्रकोष्ठ आशीष जैन, IJM टीम, प्रदीन संस्था, श्रम निरीक्षक बलराम सिंह और जिले के सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे।
आशीष जैन ने मानव तस्करी को गंभीर अपराध बताते हुए इसके विभिन्न स्वरूप और सामाजिक दुष्परिणामों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मानव तस्करी की रोकथाम के लिए पुलिस, प्रशासन और समाज को मिलकर काम करना जरूरी है।
वहीं IJM टीम ने मानव तस्करी की पहचान, संदिग्ध गतिविधियों में सतर्कता और पीड़ितों को सुरक्षित बचाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों से अपील की गई कि संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल पुलिस को सूचना दी जाए।
श्रम निरीक्षक बलराम सिंह ने श्रम कानूनों, न्यूनतम मजदूरी, बाल श्रम निषेध और श्रमिकों के अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि श्रमिकों को उनके निर्धारित अधिकारों से वंचित करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
कार्यशाला के अंत में मानव तस्करी और श्रमिक शोषण के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने तथा कानून का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें।



