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जबलपुर पुलिस की साइबर सुरक्षा पर सवाल: एक ही दिन में 5 थानों से ठगी के बड़े मामले आए सामने

एक ही दिन में जबलपुर में साइबर ठगी के 5 बड़े धमाके: किसी का पेटीएम खाली, किसी का अकाउंट साफ

जबलपुर में साइबर अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब आम नागरिकों के बैंक खाते कुछ ही मिनटों में खाली हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की तैयारियां सवालों के घेरे में नजर आ रही हैं। शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से एक ही दिन में साइबर ठगी के 5 बड़े मामले सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ठग हर बार नया तरीका अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। कहीं पेटीएम बॉक्स बंद कराने के नाम पर लोगों के मोबाइल से बैंक खाते खाली कर दिए गए, तो कहीं शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपए हड़प लिए गए। इतना ही नहीं, शादी कार्ड की APK फाइल भेजकर मोबाइल हैक करने और बैंक खातों से रकम निकालने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं।

गोराबाजार थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग परिवार से पेटीएम डिवाइस बंद कराने के नाम पर 1 लाख 66 हजार 500 रुपए की ठगी हुई। आरोपी कई दिनों तक घर और दुकान आकर मोबाइल में छेड़छाड़ करता रहा, लेकिन समय रहते इसकी भनक तक नहीं लगी।
इसी थाना क्षेत्र में एक सिविल इंजीनियर मैनेजर को इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए ट्रेडिंग के नाम पर फंसाकर 12 लाख 28 हजार रुपए का चूना लगाया गया। आरोपी महिला के नाम से बातचीत होती रही और पीड़ित को फर्जी एप के जरिए निवेश करवाया गया।

घमापुर थाना क्षेत्र में रेलवे कर्मचारी के खातों से बिना किसी ओटीपी और कॉल के 2 लाख 43 हजार 776 रुपए पार कर दिए गए। वहीं एक अन्य व्यापारी के मोबाइल में तकनीकी खराबी जैसी स्थिति बनाकर उसके खातों से करीब 1 लाख 10 हजार रुपए निकाल लिए गए।

मदनमहल थाना क्षेत्र में तो ठगों ने हद ही कर दी। परिचित के व्हाट्सएप नंबर से शादी कार्ड की APK फाइल भेजी गई। फाइल डाउनलोड करते ही मोबाइल हैक हुआ और खाते से 2 लाख 4 हजार रुपए उड़ गए।
लगातार सामने आ रहे मामलों से यह साफ हो रहा है कि साइबर अपराधी तकनीक के जरिए लोगों से कई कदम आगे निकलते जा रहे हैं, जबकि जागरूकता और सुरक्षा तंत्र उतना मजबूत नजर नहीं आ रहा। सवाल यह उठता है कि जब एक ही दिन में शहर के कई थाना क्षेत्रों से इतने बड़े साइबर फ्रॉड सामने आ सकते हैं, तो आम नागरिक खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करें?

फिलहाल पुलिस ने सभी मामलों में धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लेकिन बढ़ते साइबर अपराधों के बीच शहरवासियों की मांग है कि केवल मामले दर्ज करना ही काफी नहीं, बल्कि साइबर अपराधियों पर तेज और सख्त कार्रवाई भी जरूरी

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