साइबर ठगों पर नरसिंहपुर पुलिस का शिकंजा: दोस्ती के जाल में फंसाकर करोड़ों का ट्रांजेक्शन करने वाला आरोपी गिरफ्तार
दोस्ती के नाम पर करोड़ों की ठगी! 17 दिन में ₹2.52 करोड़ का खेल, म्यूल अकाउंट रैकेट का खुलासा

SET NEWS जबलपुर ! नरसिंहपुर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी और प्रभावी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन से जुड़े म्यूल अकाउंट रैकेट का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने दोस्ती का भरोसा जीतकर युवक के नाम से बैंक खाता खुलवाया और उसी खाते का इस्तेमाल करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन के लिए किया।
जानकारी के अनुसार महाजनी वार्ड निवासी अंकित सोनी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसके परिचित अभिषेक सिलावट निवासी बहोरीपार ने एक्सीडेंट क्लेम राशि दिलाने का झांसा देकर जुलाई 2025 में उसके नाम से बैंक ऑफ बड़ौदा नरसिंहपुर शाखा में बैंक खाता खुलवाया। आरोपी ने खाते में अपना मोबाइल नंबर और ई-मेल लिंक कराया और पासबुक, एटीएम कार्ड व चेकबुक अपने कब्जे में रख लिए।
कुछ समय बाद पीड़ित को जानकारी मिली कि उसके खाते से महज 17 दिनों के भीतर ₹2 करोड़ 52 लाख 83 हजार का ट्रांजेक्शन किया जा चुका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत तत्काल पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना तक पहुंचाई गई।
एसपी के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर तकनीकी जांच शुरू की गई। बैंक रिकॉर्ड, मोबाइल डाटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी अभिषेक सिलावट को बायपास क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के कब्जे से पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और लिंक मोबाइल नंबर जब्त किए गए।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी रकम खाते में आते ही उसे तुरंत अन्य खातों में ट्रांसफर कर देता था। अब तक पुलिस को 11 ऐसे बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिनमें संदिग्ध रकम ट्रांसफर की गई। वहीं आरोपी के तीन खातों में करीब ₹21.41 करोड़ के ट्रांजेक्शन के तार लखनऊ और नेपाल तक जुड़े पाए गए हैं।
जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ कि आरोपी के खिलाफ कर्नाटक, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात और केरल सहित 6 राज्यों में कुल 11 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि आरोपी किसी बड़े अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी स्टेशनगंज निरीक्षक सौरभ पटेल, उपनिरीक्षक मुकेश विसेन, राहुल सोनकर, प्रधान आरक्षक महेन्द्र बसेडिया, देवेन्द्र सिंह, महिला आरक्षक कुमुद पाठक, आरक्षक नीरज डेहरिया, रूपेश कटारे, योगेन्द्र, हेमंत बाडिवा, भूपेन्द्र नवरेती एवं सैनिक अवधेश जाट की अहम भूमिका रही।
नरसिंहपुर पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।



