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दुष्कर्म प्रकरण में पीड़िता पर दबाव, पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष जीएस ठाकुर सहित अन्य पर गंभीर आरोप -शिकायत वापस लेने की धमकी, थाने में हुआ अपमान, निष्पक्ष जांच व सुरक्षा की मांग

दुष्कर्म प्रकरण में पीड़िता पर दबाव, पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष जीएस ठाकुर सहित अन्य पर गंभीर आरोप -शिकायत वापस लेने की धमकी, थाने में हुआ अपमान, निष्पक्ष जांच व सुरक्षा की मांग

जबलपुर। घमापुर थाना क्षेत्र में दर्ज शारीरिक शोषण के एक प्रकरण ने अब नया मोड़ ले लिया है। मामले की पीड़िता ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर कप्तान संपत उपाध्याय को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही उस पर लगातार समझौते और शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। पीड़िता ने इस पूरे घटनाक्रम में आरोपी ललित कुंदनानी के साथ-साथ पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष एवं अधिवक्ता जीएस ठाकुर सहित अन्य व्यक्तियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। 25 वर्षीय पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसने 20 मार्च 2026 को थाना घमापुर में आरोपी ललित कुंदनानी के खिलाफ शारीरिक शोषण की शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर 7 अप्रैल 2026 को धारा 69, 351(2) बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की गई। पीड़िता का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बाद से ही उसे लगातार धमकियां दी जा रही हैं।
घर पहुंचकर दी धमकी, शिकायत वापस लेने का दबाव-
पीड़िता के अनुसार 21 मार्च की सुबह करीब 10 से 10:30 बजे के बीच जीएस ठाकुर उसके घर पहुंचे और उसे धमकाते हुए शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। ऐसा न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है और कहा जा रहा है कि यदि उसने मामला वापस नहीं लिया तो उसकी हत्या करवा दी जाएगी।
थाना परिसर में अपमान, आरोपी को मिला संरक्षण?-
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि 7 अप्रैल को थाना परिसर में उसके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। जहां एक ओर आरोपी को थाना प्रभारी कक्ष में बैठाकर संरक्षण दिया गया, वहीं पीड़िता पर समझौते के लिए दबाव बनाया गया। पीड़िता का दावा है कि यह पूरा घटनाक्रम थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद है।
राजनीतिक प्रभाव के दुरुपयोग का आरोप-
पीड़िता ने पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष जीएस ठाकुर पर अपने राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग कर मामले को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि उनके द्वारा पूर्व में की गई कथित गुंडागर्दी की घटनाएं भी उनके दबंग प्रभाव को दर्शाती हैं, जिससे पीड़िता और उसका परिवार भय के माहौल में जी रहा है।
निष्पक्ष जांच व सुरक्षा की मांग
पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, थाना सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने तथा स्वयं एवं परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। साथ ही उसने आशंका जताई है कि यदि उसके या उसके परिजनों के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित आरोपियों की होगी। मामले ने तूल पकड़ लिया है और अब पुलिस की निष्पक्ष कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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