Crime ReportsCrime ReportsIndiaJabalpurLatest NewsMP

जबलपुर में चाकूबाजी का खूनी संघर्ष! एक ही परिवार के चार लोग घायल, दूसरा पक्ष भी आया सामने; कृष राय और उसकी बहन अस्पताल में भर्ती

जबलपुर। गोरखपुर थाना क्षेत्र के गुप्तेश्वर स्थित इंदिरा नगर में हुई चाकूबाजी की घटना अब नया मोड़ लेती नजर आ रही है। शुरुआत में गुप्ता परिवार के चार सदस्यों पर चाकू से हमले की खबर सामने आई थी, लेकिन अब इस मामले में दूसरा पक्ष भी सामने आया है। दोनों पक्षों की ओर से गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। एक तरफ पिता, बेटी और दो भाइयों के घायल होने की बात सामने आई है, तो दूसरी तरफ कृष राय और उसकी बहन शालिनी राय के भी घायल होने की जानकारी मिली है। पुलिस के सामने अब दोनों पक्षों के आरोपों की निष्पक्ष जांच की चुनौती है।

मामूली टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद, फिर मचा बवाल,
जानकारी के मुताबिक, विवाद की वजह कमेंट करने की बात बताई जा रही है। देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। गुप्ता परिवार की ओर से आरोप लगाया गया कि कृष राय, मनीष राय और अक्षय रजक ने चाकुओं से हमला किया। इस हमले में बनारसी लाल गुप्ता के पेट और उनकी बेटी काजल गुप्ता के सीने में चाकू लगने की बात सामने आई। वहीं मोहित गुप्ता के पैर और मनीष गुप्ता के हाथ में चोटें आईं। चारों घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अब दूसरा पक्ष भी सामने, कृष और उसकी बहन घायल,
घटना के बाद अब दूसरे पक्ष की ओर से भी अपनी बात रखी गई है। घायल कृष राय और उसकी बहन शालिनी राय को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कृष का इलाज पुलिस कस्टडी में चलने की जानकारी सामने आई है। कृष की बड़ी बहन ने गुप्ता परिवार के संदीप गुप्ता, काजल गुप्ता, मोहित गुप्ता और बनारसी दास गुप्ता पर मारपीट करने तथा ईंट और पत्थरों से हमला करने के आरोप लगाए हैं। हालांकि ये आरोप दूसरे पक्ष के हैं, जिनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

बहन रीना जायसवाल ने आरोपों को बताया गलत,
दूसरी ओर घायल पक्ष की बहन रीना जायसवाल ने अपने भाइयों पर लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए उनका बचाव किया है। उन्होंने जबरदस्ती झूठा मामला दर्ज कराने का आरोप लगाते हुए अपनी बात रखी है। इस तरह अब घटना में दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है।

पुलिस के सामने दोनों पक्षों की सच्चाई सामने लाने की चुनौती,
गोरखपुर थाना पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। अब जांच में यह स्पष्ट करना जरूरी होगा कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई, किसने पहले हमला किया और किसकी भूमिका क्या रही। घटनास्थल के साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर ही पूरी तस्वीर साफ होगी।

चार घायल, दो पक्षों के आरोप—कमेंट का विवाद कैसे बना खूनी संघर्ष?
एक मामूली टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद कई लोगों को अस्पताल पहुंचा चुका है। पिता के पेट और बेटी के सीने में चाकू लगने जैसे गंभीर आरोप हैं, वहीं दूसरे पक्ष के कृष राय और उसकी बहन के घायल होने की बात भी सामने आई है। अब सवाल सिर्फ गिरफ्तारी का नहीं, बल्कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच का है। जबलपुर पुलिस को दोनों पक्षों के आरोपों की बारीकी से जांच कर वास्तविक घटनाक्रम सामने लाना होगा, ताकि किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो और दोषी कानून से बच न सके।

Related Articles