सागर से हटे, चार दिन बाद IPS अनुराग सुजानिया का इस्तीफा! शराब कांड के साये में पुलिस महकमे में मची हलचल

भोपाल। मध्यप्रदेश की पुलिस व्यवस्था में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने प्रशासनिक गलियारों से लेकर पुलिस महकमे तक चर्चाओं का दौर शुरू कर दिया है। सागर के पुलिस अधीक्षक पद से हटाए जाने के महज चार दिन बाद 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग सुजानिया ने अपनी सेवा से इस्तीफा सौंप दिया। एक तरफ सागर में जहरीली शराब कांड के बाद उठे सवाल और सरकार का प्रशासनिक फेरबदल, तो दूसरी तरफ उसी घटनाक्रम के कुछ दिन बाद एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का इस्तीफा—इन दोनों घटनाओं ने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया है।
तबादले के बाद आया इस्तीफा, फैसले ने बढ़ाई हलचल,
जानकारी के मुताबिक, अनुराग सुजानिया को हाल ही में सागर एसपी की जिम्मेदारी से हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल में अटैच किया गया था। इस बदलाव के चार दिन बाद उन्होंने सोमवार को अपना इस्तीफा शासन को सौंप दिया। उन्होंने इसके पीछे व्यक्तिगत कारण बताए हैं। हालांकि, अब तक इस्तीफा स्वीकार किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में उनका भविष्य शासन के फैसले पर निर्भर करेगा।
जहरीली शराब कांड के बाद सागर में बदला प्रशासनिक समीकरण,
सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से मौतों की घटना ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। घटना के बाद सरकार ने सागर के प्रशासनिक और पुलिस नेतृत्व में बदलाव किया। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक दोनों को जिले से हटाया गया। अनुराग सुजानिया को पुलिस मुख्यालय भेजा गया और उनकी जगह संजीव कुमार सिन्हा को सागर का नया एसपी बनाया गया।
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय हुआ, जब जहरीली शराब कांड को लेकर जवाबदेही और प्रशासनिक कार्रवाई पर चर्चा जारी थी। हालांकि, सरकार के तबादला आदेश में सुजानिया को हटाने की विस्तृत वजह सार्वजनिक नहीं की गई और उनके इस्तीफे को शराब कांड से जोड़ने की भी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
व्यक्तिगत कारण बताए, अब शासन के फैसले पर निगाहें,
अनुराग सुजानिया 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। उनके इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या शासन उनका इस्तीफा स्वीकार करेगा या इस पर कोई अलग निर्णय लिया जाएगा।
एक ओर सागर में जहरीली शराब कांड के बाद प्रशासनिक बदलाव हुआ, दूसरी ओर तबादले के तुरंत बाद इस्तीफे की पेशकश ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल अटकलों से आगे बढ़कर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी, क्योंकि अधिकारी ने इस्तीफे की वजह व्यक्तिगत बताई है और सरकार की ओर से अंतिम निर्णय सामने आना बाकी है।
सागर के शराब कांड से शुरू हुई प्रशासनिक हलचल अब IPS अनुराग सुजानिया के इस्तीफे तक पहुंच गई है। अब पूरे प्रदेश की नजर शासन के अगले कदम पर है—क्या इस्तीफा स्वीकार होगा, या इस मामले में कोई नया प्रशासनिक मोड़ सामने आएगा?



