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गोसलपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच का बड़ा धमाका! एसपी सम्पत उपाध्याय के नेतृत्व में 4.35 करोड़ का गांजा पकड़ा, 871 किलो की खेप के साथ यूपी-बंगाल के दो तस्कर गिरफ्तार

जबलपुर। नशे के सौदागरों ने तस्करी के लिए ऐसा तरीका अपनाया था, जिसे देखकर पहली नजर में किसी को शक भी नहीं होता। बाहर से कंटेनर में पेंट के 412 डिब्बे दिखाई दे रहे थे, लेकिन इसी सामान की आड़ में छिपाकर रखी गई थीं गांजे की 28 बोरियां। तस्करों की योजना थी कि करोड़ों रुपये की नशे की खेप को मध्यप्रदेश के रास्ते आगे पहुंचा दिया जाए। उन्हें भरोसा था कि कंटेनर आसानी से अपनी मंजिल तक पहुंच जाएगा, लेकिन जबलपुर पुलिस की सतर्कता ने उनके पूरे खेल पर पानी फेर दिया।

इस बड़ी कार्रवाई में जबलपुर पुलिस ने 871 किलो 95 ग्राम गांजा जिसकी अनुमानित कीमत 4 करोड़ 35 लाख 55 हजार रुपये बताई गई है, बरामद किया। पुलिस ने कंटेनर सहित 412 पेंट के डिब्बे भी जब्त किए और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई ने नशे के कारोबार से जुड़े लोगों को स्पष्ट संदेश दिया है कि तस्करी के लिए अपनाए जाने वाले नए तरीके भी पुलिस की नजर से बच नहीं पाएंगे।

एसपी सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर तस्करों के खिलाफ बिछाया गया जाल,
जबलपुर जिले में नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त आरोपियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। एसपी के इन्हीं निर्देशों के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनिवाल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह, एसडीओपी सिहोरा मोहन्ती मरावी और डीएसपी क्राइम उमेश तिवारी के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच और गोसलपुर पुलिस की टीम ने कार्रवाई की रणनीति तैयार की। इस अभियान में उत्तर प्रदेश झांसी की नारकोटिक्स विंग भी शामिल रही।

मुस्करा मोड़ पर नजर आया कंटेनर, मोहतरा टोल पर पुलिस ने दबोचा,
30 अक्टूबर को पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि एनएच-30 पर जबलपुर की ओर से एक संदिग्ध कंटेनर गुजर रहा है। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच और गोसलपुर पुलिस की संयुक्त टीम सक्रिय हुई। मुस्करा मोड़ के पास कंटेनर क्रमांक NL-01-AC-7191 दिखाई दिया। पुलिस को संदेह हुआ तो टीम ने उसका पीछा शुरू कर दिया। कुछ दूरी पर मोहतरा टोल के पास घेराबंदी कर कंटेनर को रोक लिया गया।

कंटेनर में बैठे दोनों व्यक्तियों ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया, लेकिन पहले से सतर्क टीम ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया। पूछताछ में चालक ने अपना नाम धर्मवीर सिंह (45 वर्ष), निवासी अलीगढ़, उत्तर प्रदेश और दूसरे व्यक्ति ने अपना नाम विक्रम करमाकर (24 वर्ष), निवासी दक्षिण दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल बताया।

पेंट के डिब्बों के पीछे छिपा था करोड़ों का नशा,
जब पुलिस ने कंटेनर की तलाशी ली तो उसमें 412 पेंट के डिब्बों के साथ 28 बोरियां रखी मिलीं। बोरियों को खोलकर जांच की गई तो खाकी रंग के टेप से पैक किए गए गांजे के पैकेट बरामद हुए। एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत तौल कराने पर कुल 871 किलो 95 ग्राम गांजा निकला। इसकी कीमत करीब 4 करोड़ 35 लाख 55 हजार रुपये आंकी गई।

यानी पेंट के डिब्बों की आड़ में नशे का इतना बड़ा कारोबार चलाने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस ने गांजे के साथ कंटेनर और 412 पेंट के डिब्बे भी जब्त कर लिए। इस दौरान उत्तर प्रदेश झांसी की नारकोटिक्स विंग की टीम भी मौके पर पहुंची और संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

ओडिशा के प्रभात साहू का नाम आया सामने, मध्यप्रदेश में खेप खपाने की थी तैयारी,
पुलिस पूछताछ में कंटेनर चालक धर्मवीर सिंह ने कथित तौर पर बताया कि वह 18 अक्टूबर को विशाखापट्टनम से माल लोड कर निकला था। इसके बाद ओडिशा के बलांगीर निवासी प्रभात साहू ने उससे संपर्क किया और मध्यप्रदेश में गांजे की खेप पहुंचाने को कहा। आरोपी के कथित बयान के मुताबिक, वह पहले भी प्रभात साहू के कहने पर गांजा मध्यप्रदेश ला चुका था और प्रत्येक खेप पहुंचाने के बदले उसे एक लाख रुपये मिलते थे।

पूछताछ में यह भी बताया गया कि 27 अक्टूबर को प्रभात साहू के यहां से गांजे की 28 बोरियां कंटेनर में लोड की गई थीं। इन्हें मध्यप्रदेश के मैहर के पहले जियो पेट्रोल पंप के पास उतारना था। अब पुलिस की जांच का दायरा केवल पकड़े गए दो आरोपियों तक सीमित नहीं है। कथित सप्लायर प्रभात साहू, गांजे की खेप लेने वाले लोगों और पूरे नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। इन बयानों की स्वतंत्र पुष्टि जांच में होना बाकी है।

इन पुलिस अधिकारियों और जवानों ने निभाई अहम भूमिका,
इस बड़ी कार्रवाई में थाना प्रभारी क्राइम ब्रांच शैलेष मिश्रा और थाना प्रभारी गोसलपुर भावना तिवारी के मार्गदर्शन में उप निरीक्षक अर्चना सल्लाम, आरक्षक सोनू झा,शुभम दत्त शर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

क्राइम ब्रांच की ओर से सहायक उप निरीक्षक अशोक मिश्रा, संतोष पाण्डे,मोहन तिवारी, प्रधान आरक्षक हितेन्द्र सिंह,मोहन सिंह, मनीष सिंह,सुतेन्द्र यादव, आरक्षक रितेश शुक्ला,पंकज सिंह,इंद्रजीत यादव,संतोष शाह,विमल विश्वकर्मा,शिव सिंह बघेल,और प्रीतम उपाध्याय, कार्रवाई में शामिल रहे।

वहीं उत्तर प्रदेश झांसी नारकोटिक्स विंग के उप निरीक्षक मनीष कुमार,गजेन्द्र सिंह,विमल कुमार,और प्रदीप कुमार ने भी संयुक्त कार्रवाई में सहयोग किया।

अब तस्करी के पूरे नेटवर्क पर पुलिस की नजर,
जबलपुर पुलिस की इस कार्रवाई में दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं, करोड़ों रुपये का गांजा जब्त हुआ है और तस्करी में इस्तेमाल कंटेनर भी पुलिस के कब्जे में है। लेकिन इस मामले का सबसे अहम पहलू यह है कि इतनी बड़ी खेप किसके लिए लाई जा रही थी और मध्यप्रदेश में इसे कहां-कहां पहुंचाया जाना था। इन सवालों के जवाब पुलिस की आगे की विवेचना में सामने आएंगे।

एसपी सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर क्राइम ब्रांच, गोसलपुर पुलिस और झांसी नारकोटिक्स विंग की संयुक्त कार्रवाई ने नशे के तस्करों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है।