पारस हत्याकांड के बाद TI उमेश गोल्हानी का कड़ा रुख! रांझी पुलिस की मुस्तैदी में आजाद नगर में चला बुलडोजर, समीर बंशकार के कथित अतिक्रमणों पर प्रशासन का प्रहार

जबलपुर। पारस यादव हत्याकांड के बाद रांझी के गोकलपुर वार्ड स्थित आजाद नगर में पुलिस और प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। धार्मिक आयोजन के दौरान हुए खूनी संघर्ष में पारस यादव की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। घटना के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करना पुलिस के सामने बड़ी चुनौती थी। इस चुनौती के बीच रांझी थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी और उनकी पुलिस टीम ने मोर्चा संभाला। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल की मौजूदगी ने साफ कर दिया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
TI उमेश गोल्हानी के नेतृत्व में रांझी पुलिस की मुस्तैदी,
हत्याकांड के बाद थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी और उनकी टीम की जिम्मेदारी केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं थी। मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की भूमिका सामने लाना और क्षेत्र में शांति बनाए रखना भी उनकी अहम जिम्मेदारी है। संवेदनशील आजाद नगर में पुलिस की तैनाती और प्रशासन के साथ समन्वय ने कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस का सख्त रुख उन लोगों के लिए चेतावनी है, जो कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करते हैं।
मुख्य आरोपी समीर बंशकार से जुड़े कथित निर्माणों पर चला बुलडोजर,
गुरुवार को जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई की। मुख्य आरोपी समीर बंशकार और उसके परिजनों से जुड़े बताए जा रहे कथित अवैध निर्माणों को चिह्नित कर जेसीबी से हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। प्रशासन के मुताबिक, नगर निगम के क्षेत्रीय कार्यालय, वाचनालय और दुर्गा मंदिर के सामने शासकीय जमीन पर दुकानें और मकान बनाए जाने की शिकायतें थीं। पंप हाउस और शासकीय क्वार्टरों से जुड़े कथित अतिक्रमणों की जानकारी भी सामने आई थी।
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बड़ी कार्रवाई,
इस कार्रवाई में तहसीलदार सारिका रावत सहित प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद रहा। जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम ने चिह्नित अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई की, जबकि TI उमेश गोल्हानी और रांझी पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। क्षेत्रीय नागरिक बंटी रजक ने भी कार्रवाई को लेकर अपनी बात रखी। प्रशासन अब हत्याकांड से जुड़े अन्य आरोपियों के कथित अतिक्रमणों की जानकारी भी जुटा रहा है।
अपराधियों के लिए साफ संदेश—कानून से ऊपर कोई नहीं,
पारस यादव हत्याकांड ने क्षेत्र में सुरक्षा और न्याय को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रांझी थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी और उनकी टीम के सामने अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि हत्याकांड में शामिल प्रत्येक आरोपी की भूमिका साक्ष्यों के आधार पर सामने आए और दोषियों को कानून के मुताबिक सजा दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़े। प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई और पुलिस की मुस्तैदी ने क्षेत्र में सख्ती का संदेश दिया है। अब निगाहें पुलिस की आगे की जांच और अन्य आरोपियों के खिलाफ होने वाली वैधानिक कार्रवाई पर टिकी हैं।