बेटी और परिवार को खत्म करने की धमकी देने वाले पर बरगी पुलिस का शिकंजा! TI नीलेश दोहरे की कार्रवाई, आरोपी पहुंचा जेल

जबलपुर। फोन की एक घंटी ने पूरे परिवार को दहशत में डाल दिया। धमकी ऐसी कि शिकायतकर्ता ही नहीं, जबलपुर में पढ़ाई कर रही उसकी बेटी की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई। कथित तौर पर अवैध शराब के कारोबार में दखल देने से नाराज आरोपी ने फोन पर पूरे परिवार को जान से खत्म करने की धमकी दी। लेकिन इस मामले में डरकर चुप बैठने के बजाय शिकायतकर्ता ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया और बरगी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल पहुंचा दिया।
अवैध शराब के कारोबार पर सवाल उठाना पड़ा भारी, फोन पर मिली धमकी,
पुलिस के मुताबिक, 31 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 8:11 बजे शिकायतकर्ता के मोबाइल पर एक नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को मोनू चक्रवर्ती बताते हुए कथित तौर पर धमकी दी कि वे शराब बेचने का काम बंद नहीं करेंगे। यदि शिकायतकर्ता ने दोबारा दखल दिया या शराब पकड़वाने की कोशिश की, तो जबलपुर में पढ़ने वाली उसकी बेटी और पूरे परिवार को जान से खत्म कर दिया जाएगा। धमकी की गंभीरता को देखते हुए शिकायतकर्ता ने थाना बरगी पहुंचकर पुलिस को पूरी जानकारी दी।
शिकायत मिलते ही TI नीलेश दोहरे ने संभाली कमान,
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीष भारद्वाज और नगर पुलिस अधीक्षक बरगी अंजुल अयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में कार्रवाई शुरू की गई। थाना प्रभारी नीलेश दोहरे ने अपनी टीम के साथ मामले की विवेचना आगे बढ़ाई और आरोपी की पहचान मोनू चक्रवर्ती पिता हीरालाल चक्रवर्ती, उम्र 22 वर्ष, निवासी प्रेमसागर, थाना बेलबाग के रूप में की।
नोटिस के बाद भी शिकायतकर्ता के घर के पास पहुंचा आरोपी,
पुलिस के अनुसार, आरोपी को धारा 35(3) बीएनएसएस के तहत न्यायालय में उपस्थित होने का नोटिस दिया गया था। इसके बावजूद आरोपी ग्राम मंगेली में शिकायतकर्ता के घर के पास पहुंचकर विवाद करने और मारपीट पर उतारू हो रहा था। स्थिति को देखते हुए टीआई नीलेश दोहरे के नेतृत्व में बरगी पुलिस ने धारा 170 बीएनएसएस के तहत आरोपी को गिरफ्तार किया।
पुलिस कार्रवाई के बाद न्यायालय से जेल वारंट,
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को एसडीएम न्यायालय जबलपुर में पेश किया गया। न्यायालय से जेल वारंट जारी होने पर उसे केंद्रीय जेल जबलपुर भेज दिया गया। बरगी पुलिस की कार्रवाई ने यह स्पष्ट किया कि किसी नागरिक को धमकी देकर उसके परिवार को भयभीत करने की कोशिश को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। कानून के दायरे में रहकर ऐसे मामलों में कार्रवाई की जाएगी।
TI के नेतृत्व में टीम ने निभाई अहम भूमिका,
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी नीलेश दोहरे, उपनिरीक्षक आलोक सिंह, प्रधान आरक्षक विजय पटेल, प्रधान आरक्षक प्रभुदयाल डेहरिया, आरक्षक मिथलेश जायसवाल, वीरेन्द्र धुर्वे, सुधीर और उमाशंकर डेहरिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बरगी पुलिस की यह कार्रवाई एक संदेश है—धमकी और दबाव के जरिए किसी परिवार को डराने की कोशिश करने वालों के खिलाफ शिकायत मिलने पर पुलिस कानून के मुताबिक कार्रवाई करेगी।


