जबलपुर में चाकू से घायल युवक तड़पता रहा, नहीं पहुंची 108! इलाज में देरी के आरोपों के बीच चली गई एक और जान
घायल युवक तड़पता रहा, नहीं पहुंची एम्बुलेंस! चाकू के वार से घायल युवक ने तोड़ा दम, 108 का इंतज़ार... और चली गई जान! बरगी में चाकूबाजी के बाद परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के बरगी थाना क्षेत्र के ग्राम सालीवाड़ा से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां 30 वर्षीय युवक नमामि यादव की चाकू से हमले के बाद मौत हो गई। इस वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। वहीं, घटना के बाद परिजनों ने 108 एम्बुलेंस सेवा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
परिजनों के मुताबिक, नमामि यादव रात में घर से टहलने निकले थे। इसी दौरान गांव के ही रहने वाले एक युवक ने कथित तौर पर उन पर चाकू से कई वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल नमामि खून से लथपथ सड़क पर पड़े रहे। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और सबसे पहले 108 एम्बुलेंस सेवा को कॉल किया।
परिजनों का आरोप है कि काफी इंतजार करने के बाद भी एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। उनका दावा है कि बाद में उन्हें बताया गया कि संबंधित एम्बुलेंस तकनीकी खराबी के कारण उपलब्ध नहीं थी। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
समय हाथ से निकलता देख परिजन घायल युवक को अपनी निजी गाड़ी से बरगी के शासकीय अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे गंभीर हालत में जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। लेकिन मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले ही नमामि यादव ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का कहना है कि यदि समय पर एम्बुलेंस मिल जाती और इलाज जल्दी शुरू हो जाता, तो शायद आज उनका बेटा जिंदा होता। हालांकि, यह कहना कि समय पर एम्बुलेंस मिलने से उनकी जान निश्चित रूप से बच जाती, जांच के बिना तय नहीं किया जा सकता।
बताया जा रहा है कि मृतक की शादी करीब एक साल पहले ही हुई थी। परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। गांव में भी इस घटना के बाद शोक का माहौल है।
उधर, बरगी थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। साथ ही पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
अब इस घटना ने दो बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पहला, आखिर युवक की हत्या क्यों हुई? और दूसरा, क्या आपातकालीन चिकित्सा सेवा हर जरूरतमंद तक समय पर पहुंच रही है? परिजनों के आरोपों की जांच और पुलिस की कार्रवाई के बाद ही इन सवालों के स्पष्ट जवाब सामने आएंगे। फिलहाल एक परिवार ने अपना जवान बेटा खो दिया है और इंसाफ का इंतजार कर रहा है।



