जबलपुर में पारस हत्याकांड पर सड़क पर उतरे परिजन, टीआई उमेश गोलानी की टीम का एक्शन, आरोपियों का जुलूस और मुर्गा बनाकर लगवाई उठक-बैठक! पुलिस के जयकारों से गूंजा क्षेत्र!
पारस की मौत पर सड़क पर उतरे परिजन, टीआई उमेश गोलानी की टीम का एक्शन—आरोपियों का जुलूस, मुर्गा बनाकर लगवाई उठक-बैठक!

जबलपुर। भंडारे की रौनक के बीच शुरू हुआ विवाद ऐसा खूनी संघर्ष बन गया कि एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। रांझी थाना क्षेत्र के आजाद नगर गोकलपुर में मारपीट के दौरान गंभीर रूप से घायल पारस यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। पारस की मौत के बाद परिजन शव रखकर सड़क पर उतर आए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। माहौल तनावपूर्ण हुआ तो पुलिस पर जल्द कार्रवाई का दबाव बढ़ गया।
परिजनों का प्रदर्शन, फिर पुलिस की कार्रवाई!
मामले की गंभीरता को देखते हुए रांझी थाना प्रभारी निरीक्षक उमेश कुमार गोलानी और उनकी टीम ने कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, हत्या के प्रकरण में समीर वंशकार, अभिषेक उर्फ बबला वंशकार, रोहित वंशकार, आकाश वंशकार, शालिनी वंशकार और धांधू वंशकार को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक विधि विवादित बालक को अभिरक्षा में लिया गया। घटना में इस्तेमाल लाठी-डंडे और चाइना चाकू भी जब्त किए गए।
आरोपियों का जुलूस, मुर्गा बनाकर उठक-बैठक की चर्चा!
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों का क्षेत्र से जुलूस निकाले जाने और उन्हें मुर्गा बनाकर उठक-बैठक लगवाने की चर्चा सामने आई है। कथित तौर पर इस दौरान यह नारा भी सुनाई देने की बात कही जा रही है— “अपराध करना पाप है, पुलिस हमारे बाप है!” हालांकि, जुलूस और उठक-बैठक की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
पुलिस के समर्थन में जयकारे, क्षेत्र में गूंजे नारे!,
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्रवासियों द्वारा पुलिस के समर्थन में जयकारे लगाए जाने की बात सामने आई। इस कार्रवाई में टीआई उमेश कुमार गोलानी, उप निरीक्षक रविंद्र डूडवा, सहायक उप निरीक्षक मनीष जाटव, प्रधान आरक्षक पुरुषोत्तम, प्रधान आरक्षक चंद्रभान, प्रधान आरक्षक राजकुमार छीरा, प्रधान आरक्षक राकेश सनौड़िया, आरक्षक अभिषेक, मनीष अहिरवार और भूपेंद्र सहित अन्य स्टाफ की भूमिका रही।
पारस की मौत ने कई सवाल खड़े किए हैं। अब जरूरी है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, सभी साक्ष्य न्यायालय के सामने रखे जाएं और दोष सिद्ध होने पर जिम्मेदारों को कानून के अनुसार सजा मिले। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना ही इस कार्रवाई का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम होगा।