जबलपुर में वर्दी का अपना चला गया… ‘ओपी भैया’ के निधन से पुलिस परिवार में पसरा गहरा सन्नाटा
प्रधान आरक्षक ओमप्रकाश राजपूत के निधन से गोरखपुर थाना और रामपुर चौकी में शोक की लहर,

जबलपुर। पुलिस की वर्दी केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि कर्तव्य, जिम्मेदारी और त्याग की पहचान होती है। इसी वर्दी को पूरी निष्ठा के साथ निभाने वाले प्रधान आरक्षक ओमप्रकाश राजपूत, जिन्हें उनके साथी प्यार और अपनत्व से ‘ओपी भैया’ कहकर बुलाते थे, आज अपने पीछे यादों का संसार छोड़कर हमेशा के लिए विदा हो गए।
गोरखपुर थाना और रामपुर चौकी से जुड़े प्रधान आरक्षक ओमप्रकाश राजपूत का आज सुबह मेट्रो हॉस्पिटल में उपचार के दौरान निधन हो गया। बताया जा रहा है कि अचानक तबीयत खराब होने के बाद वे पिछले करीब 7 से 8 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे और उनका उपचार चल रहा था। लेकिन आज सुबह उनके निधन की दुखद खबर ने पूरे पुलिस परिवार को झकझोर दिया।
‘ओपी भैया’ नाम में ही था अपनापन,
पुलिस विभाग में कई चेहरे रोज मिलते हैं, कई साथी साथ ड्यूटी करते हैं, लेकिन कुछ लोग अपने व्यवहार से ऐसी जगह बना लेते हैं, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। ओमप्रकाश राजपूत भी उन्हीं लोगों में से एक थे।
साथियों के बीच उन्हें ‘प्रधान आरक्षक’ से ज्यादा ‘ओपी भैया’ के नाम से जाना जाता था। उनके सहज और आत्मीय व्यवहार ने उन्हें पुलिस परिवार में एक अलग पहचान दी। आज उनके जाने के बाद साथी पुलिसकर्मी उन्हीं यादों को संजोए हुए हैं।
एक साथी का जाना, पूरे पुलिस परिवार का दुख,
ओमप्रकाश राजपूत का निधन उनके परिवार के लिए ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। वहीं उनके सहकर्मियों के लिए भी यह दुख बेहद गहरा है। पुलिसकर्मी दिन-रात कानून व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं, लेकिन जब वर्दी का कोई अपना अचानक दुनिया छोड़ जाता है, तो पूरा पुलिस परिवार शोक में डूब जाता है।
गोरखपुर थाना और रामपुर चौकी के साथियों के लिए अब ड्यूटी के दौरान ‘ओपी भैया’ की मौजूदगी सिर्फ यादों में रह जाएगी। उनके साथ बिताए पल, बातचीत और अपनापन हमेशा उनके सहकर्मियों के दिलों में जिंदा रहेगा।
इस कठिन और दुखद घड़ी में दिवंगत प्रधान आरक्षक ओमप्रकाश राजपूत ‘ओपी भैया’ के परिवार के साथ खड़ा है। हम उनके परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। उनकी आत्मा को शांति मिले और उनकी सेवा, कर्तव्यनिष्ठा तथा साथियों के प्रति उनका अपनापन हमेशा याद रखा जाए।



