जबलपुर मेडिकल में जूनियर डॉक्टर्स का हल्लाबोल! ‘एक देश-एक स्टाइपेंड’ पर काम बंद

जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में जूनियर डॉक्टर्स और इंटर्न डॉक्टर्स ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। ‘एक देश-एक स्टाइपेंड’ की मांग को लेकर आज से काम बंद आंदोलन शुरू किया गया है। जूनियर डॉक्टर्स ओपीडी और नियमित ड्यूटी से अलग हो गए हैं।
डीन कार्यालय के बाहर गूंजे विरोध के नारे,
आंदोलन के समर्थन में इंटर्न डॉक्टर्स ने डीन कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्टाइपेंड में समानता उनकी प्रमुख मांग है और जब तक इस पर निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
मरीजों की व्यवस्था संभालने मेडिकल प्रबंधन ने कसी कमर,
जूनियर डॉक्टर्स के काम से अलग होने के बाद मेडिकल अस्पताल प्रबंधन ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रखने के लिए सीनियर डॉक्टर्स और अन्य स्टाफ को ओपीडी तथा विभिन्न वार्डों में तैनात किया है। प्रबंधन की कोशिश है कि हड़ताल के बावजूद मरीजों को इलाज में परेशानी न हो।
डॉक्टर्स की चेतावनी—मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन,
प्रदर्शन कर रहे जूनियर और इंटर्न डॉक्टर्स ने साफ चेतावनी दी है कि यदि ‘एक देश-एक स्टाइपेंड’ की मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ, तो उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। अब निगाहें मेडिकल प्रबंधन और शासन के अगले कदम पर हैं—क्या बातचीत से रास्ता निकलेगा या फिर हड़ताल और लंबी चलेगी?



