ब्याज के पैसों का खूनी हिसाब! हत्या कर भागे दो सगे भाई,कत्ल कर समझे बच जाएंगे… बरगी पुलिस ने 24 घंटे में दोनों सगे हत्यारोपियों को पहुंचाया सलाखों के पीछे
ब्याज के विवाद में हत्या कर भागे दो सगे भाई 24 घंटे में गिरफ्तार, बरगी पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई

जबलपुर के बरगी थाना क्षेत्र में रुपये के लेन-देन और ब्याज के विवाद में हुई हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। दो सगे भाई—कृष्ण कुमार उर्फ दिनेश नेताम और सनेश उर्फ लालू नेताम हत्या के बाद फरार हो गए थे, लेकिन बरगी थाना पुलिस ने तेज़ी से कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी, नगर पुलिस अधीक्षक अंजुल अयंक मिश्रा, थाना प्रभारी नीलेश दोहरे और चौकी प्रभारी अभिषेक पयासी के नेतृत्व में पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
घटना बरगी थाना क्षेत्र के ग्राम मनकेड़ी की है। मृतक अशोक उईके और आरोपी दो सगे भाई कृष्ण कुमार उर्फ दिनेश नेताम तथा सनेश उर्फ लालू नेताम के बीच मोटरसाइकिल गिरवी रखने और ब्याज के पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी विवाद के दौरान दोनों भाइयों ने अशोक उईके पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण अशोक उईके की मौत हो गई। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
हत्या की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी नीलेश दोहरे अपनी टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे और मृतक की मां हेमा बाई उईके की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। उनके निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी एवं नगर पुलिस अधीक्षक अंजुल अयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई।
लगातार की गई पतासाजी और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर थाना प्रभारी नीलेश दोहरे और चौकी प्रभारी बरगी नगर उप निरीक्षक अभिषेक पयासी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सहजपुरी रोड स्थित पोल्ट्री फार्म के पास घेराबंदी कर दोनों फरार सगे भाइयों—कृष्ण कुमार उर्फ दिनेश नेताम और सनेश उर्फ लालू नेताम को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
हत्या जैसे गंभीर मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर बरगी थाना पुलिस ने अपराधियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून से बचना आसान नहीं है। पुलिस की तेज कार्रवाई से पीड़ित परिवार को त्वरित न्याय की उम्मीद मिली है और क्षेत्र में कानून व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा भी मजबूत हुआ है।
इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी नीलेश दोहरे के नेतृत्व में चौकी प्रभारी बरगी नगर उप निरीक्षक अभिषेक पयासी, उप निरीक्षक अनिल कुमार, प्रधान आरक्षक मोती बलारे, प्रधान आरक्षक होमन लाल, प्रधान आरक्षक मुकेश डेहरिया, आरक्षक राजेश मेहरा, आरक्षक विपुल सिंह, आरक्षक सतवन मरावी, आरक्षक उमाशंकर डेहरिया, आरक्षक मंगल कर्मा, आरक्षक मयंक चौरसिया, आरक्षक दुर्गेश झारिया, आरक्षक सत्येन्द्र मरावी, आरक्षक मिथलेश जायसवाल एवं सैनिक दिलीप तिवारी की सराहनीय भूमिका रही।
बरगी थाना पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि गंभीर अपराध करने वालों के लिए कानून का शिकंजा तेजी से कसता है। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी, नगर पुलिस अधीक्षक अंजुल अयंक मिश्रा, थाना प्रभारी नीलेश दोहरे, चौकी प्रभारी अभिषेक पयासी और उनकी पूरी टीम की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से हत्या के दोनों सगे भाई आरोपी 24 घंटे के भीतर सलाखों के पीछे पहुंच गए।



