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महाराजपुर में बनेगा नया थाना…अधारताल-रांझी के हिस्सों पर भी होगी पुलिस की नजर

एक एकड़ जमीन पर करीब दो करोड़ की लागत से होगा निर्माण, सीएम कर चुके हैं घोषणा, बढ़ती आबादी और अपराध के दबाव को देखते हुए पुलिस कप्तान संपत उपाध्याय की पहल

जबलपुर। शहर के लगातार फैलते दायरे और बढ़ती आबादी के साथ पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में जबलपुर पुलिस एक और बड़ा कदम बढ़ा रही है। पुलिस कप्तान संपत उपाध्याय की पहल पर महाराजपुर में नए थाने के निर्माण की तैयारी है। इसके लिए जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय से करीब एक एकड़ जमीन प्राप्त की गई है। प्रस्तावित थाना भवन का निर्माण करीब दो करोड़ रुपये की लागत से किया जाना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी महाराजपुर में नए थाना भवन की घोषणा कर चुके हैं। महाराजपुर थाना अस्तित्व में आने के बाद वर्तमान अधारताल और रांझी थाना क्षेत्रों के कुछ हिस्सों का पुनर्गठन किया जाएगा। इससे रिछाई-मढ़ई, महाराजपुर जैसे आसपास के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में पुलिस की सीधी और प्रभावी मौजूदगी बढ़ेगी। बड़े थाना क्षेत्रों के विभाजन से पुलिस अधिकारियों और बल पर काम का दबाव कम होने के साथ ही अपराधों की विवेचना, शिकायतों की सुनवाई और कानून-व्यवस्था की निगरानी अधिक व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी।

एक एकड़ में खड़ा होगा नया पुलिसिंग सेंटर-
प्रस्तावित थाना भवन के लिए जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय से एक एकड़ भूमि प्राप्त होना इस परियोजना की अहम कड़ी है। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला भवन आधुनिक पुलिसिंग की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा। सीएसपी राजेश्वरी कौरव ने बताया कि इसमें थाना प्रभारी कक्ष, विवेचना कक्ष, स्टाफ के लिए कार्यालय, मालखाना, रिकॉर्ड रूम, शिकायत सुनवाई के लिए स्थान, महिला एवं आगंतुकों के लिए सुविधाएं सहित आवश्यक पुलिस अधोसंरचना विकसित की जाएगी।

अधारताल-रांझी का घटेगा दबाव-
वर्तमान में बड़े क्षेत्रफल के कारण अधारताल और रांझी पुलिस को रिछाई-मढ़ई अलग-अलग हिस्सों में लगातार पेट्रोलिंग, शिकायतों के निराकरण, अपराधों की विवेचना और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालनी पड़ती है। महाराजपुर थाना बनने के बाद क्षेत्र का पुनर्गठन होने से पुलिस बल को जरूरत के मुताबिक अधिक लक्षित तरीके से तैनात किया जा सकेगा। इसका सीधा लाभ क्षेत्र के नागरिकों को मिलेगा और पुलिस तक पहुंच भी आसान होगी।
बढ़ते शहरी विस्तार के साथ बदल रही पुलिसिंग-
महाराजपुर, रिछाई और आसपास के इलाके तेजी से शहरी स्वरूप ले रहे हैं। औद्योगिक गतिविधियों, आवासीय विस्तार और आबादी बढ़ने के साथ यहां पुलिसिंग की जरूरत भी बढ़ी है। ऐसे में नया थाना केवल एक भवन नहीं, बल्कि क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के लिए नई पुलिसिंग यूनिट के रूप में काम करेगा। नए थाना क्षेत्र के निर्धारण के बाद यहां पुलिस बल, गश्त और निगरानी व्यवस्था को उसी अनुरूप मजबूत किया जाएगा।

सीएम की घोषणा को जमीन पर उतारने की तैयारी-
महाराजपुर में थाना निर्माण की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की जा चुकी है। अब भूमि उपलब्ध होने के बाद पुलिस कप्तान संपत उपाध्याय के नेतृत्व में परियोजना को मूर्त रूप देने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। करीब दो करोड़ रुपये की लागत और एक एकड़ भूमि में बनने वाला यह थाना शहर की बदलती जरूरतों के अनुरूप पुलिस अधोसंरचना के विस्तार की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। निर्माण से जुड़ी तकनीकी प्रक्रिया, स्वीकृत नक्शा और कार्ययोजना के आधार पर भवन की अंतिम सुविधाएं और निर्माण की समयसीमा तय होगी।

संपत उपाध्याय, पुलिस कप्तान जबलपुर
महाराजपुर थाना अस्तित्व में आने के बाद अधारताल और रांझी क्षेत्र के पुनर्गठन के साथ जबलपुर शहर की पुलिसिंग व्यवस्था को नया स्वरूप मिलेगा। इस विस्तार को बढ़ती आबादी वाले क्षेत्रों में त्वरित पुलिसिंग, बेहतर निगरानी और आमजन की पुलिस तक आसान पहुंच की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।

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