जबलपुर में फनिंगो एडवेंचर पार्क हादसा: लापरवाही ने ली मजदूर की जान, जांच में चौंकाने वाले खुलासे
फनिंगो एडवेंचर पार्क हादसा: लापरवाही ने ली मजदूर की जान, जांच में चौंकाने वाले खुलासे

जबलपुर के बरगी क्षेत्र स्थित फनिंगो एडवेंचर पार्क में हुए आग हादसे ने अब गंभीर रूप ले लिया है। मर्ग जांच में सामने आई भारी लापरवाही के बाद पुलिस ने पार्क संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इस दर्दनाक घटना में एक मजदूर की जलकर मौत हो गई थी, जिसकी पहचान डीएनए जांच के बाद अशोक मरावी के रूप में हुई।
घटना 25 मार्च की है, जब मानेगांव स्थित फनिंगो एडवेंचर पार्क में अचानक आग लगने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल टीम ने आग पर काबू पाया, लेकिन जब जले हुए हिस्से की तलाशी ली गई, तो गेमिंग जोन के अंदर एक अज्ञात व्यक्ति का कंकाल रूपी जला हुआ शव मिला। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।
इसके बाद शुरू हुई जांच में एक गुमशुदगी की रिपोर्ट ने पूरे मामले को नई दिशा दी। लोचन गौंड ने अपने जीजा अशोक मरावी के लापता होने की सूचना दी थी, जो उसी दिन पार्क में वेल्डिंग का काम करने गए थे और वापस नहीं लौटे थे। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएनए जांच कराई, जिसमें मृतक की पहचान अशोक मरावी के रूप में पुष्टि हुई।
प्रशासन द्वारा गठित संयुक्त जांच दल ने इस पूरे मामले की गहन जांच की। जांच में सामने आया कि फनिंगो एडवेंचर पार्क का गेमिंग जोन अस्थायी और अर्ध-स्थायी संरचना में बनाया गया था, जिसमें बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री जैसे फोम, प्लास्टिक और कपड़े का उपयोग किया गया था। यही सामग्री आग के तेजी से फैलने का मुख्य कारण बनी।
जांच रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट हुआ कि घटना के समय परिसर में वेल्डिंग का कार्य चल रहा था। वेल्डिंग के दौरान निकली चिंगारियां पास रखी ज्वलनशील सामग्री के संपर्क में आईं, जिससे आग भड़क गई। हैरानी की बात यह रही कि मौके पर पर्याप्त अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं थे और न ही कोई स्थायी फायर फाइटिंग सिस्टम मौजूद था, जिससे आग पर शुरुआती स्तर पर काबू नहीं पाया जा सका।
इतना ही नहीं, पार्क का बीमा भी नहीं कराया गया था और सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की गई थी। जांच दल ने स्पष्ट रूप से फर्म संचालकों की लापरवाही को इस हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
मर्ग जांच के आधार पर पुलिस ने फर्म संचालक प्रभाकर जैन, वेदांत कुमार दीवान और बासु गुप्ता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। वहीं, इस घटना के बाद से इलाके में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



